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स्वच्छता में महिला सशक्तिकरण की अनूठी मिसाल : 8000 स्व-सहायता समूह की दीदियों ने 1150 किलो प्लास्टिक एकत्र कर रचा नया कीर्तिमान

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एमसीबी :  कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के कुशल नेतृत्व और जिला पंचायत सीईओ के मार्गदर्शन में जिले की लगभग 8000 स्व-सहायता समूहों की महिलाओं (दीदियों) ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए एक ही दिन में 1150 किलो एकल उपयोगी प्लास्टिक अपशिष्ट का एकत्रीकरण कर स्थानीय स्तर पर राष्ट्रीय सोच को साकार किया है। यह अनूठा अभियान सिर्फ प्लास्टिक संग्रहण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि गांव-गांव में स्वच्छता की अलख जगाने, जागरूकता बढ़ाने और सतत विकास के उद्देश्य को धरातल पर उतारने का माध्यम भी बना।

प्लास्टिक: आधुनिकता का वरदान या प्रकृति का अभिशाप?

आज जहां प्लास्टिक ने जीवन को सुविधाजनक बनाया है, वहीं इसके असंगठित और अत्यधिक उपयोग से जल, वायु और भूमि प्रदूषण के साथ-साथ कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का भी कारण बनता जा रहा है। पशु-पक्षियों और समुद्री जीवों पर इसका घातक प्रभाव पड़ रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए स्वच्छाग्रहियों ने इसे जन आंदोलन का रूप दिया।

बच्चों ने भी निभाई अपनी जिम्मेदारी, 844 किलो प्लास्टिक किया एकत्र

इस अभियान की शुरुआत में जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने 844 किलो प्लास्टिक एकत्र कर उदाहरण प्रस्तुत किया। बच्चों ने रैली, पोस्टर मेकिंग और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश जन-जन तक पहुँचाया।

ग्राम पंचायतें और जनप्रतिनिधि भी बने स्वच्छता सहभागी

ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों, ग्रामीणों एवं सामाजिक संगठनों ने अभियान को जनांदोलन का रूप देने में सक्रिय सहयोग किया। कई गांवों में स्वच्छता रैली, नारा लेखन, और जनजागरण गतिविधियों का आयोजन कर “प्लास्टिक मुक्त ग्राम” का संकल्प लिया गया।

4R मॉडल से प्लास्टिक प्रबंधन की दिशा में एक ठोस कदम

अभियान में 4R सिद्धांत Reduce (कम करना), Reuse (पुनः उपयोग), Recycle (पुनर्चक्रण), Recover (पुनर्प्राप्त करना) को अपनाया गया। अब तक छात्र-छात्राओं एवं महिलाओं के माध्यम से कुल 2000 किलो प्लास्टिक अपशिष्ट एकत्र किया गया है, जिसे प्लास्टिक प्रबंधन इकाई में भेजा जाएगा। इससे अतिरिक्त आय के अवसर भी सृजित होंगे।

अब जिले में प्लास्टिक से भी बनेगी सड़कें

जिले के नगर पालिका, नगर पंचायत एवं ग्रामीण क्षेत्रों से एकत्रित प्लास्टिक को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ( PMGSY ) के अंतर्गत सड़क निर्माण में प्रयोग करने की योजना है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बुनियादी ढांचे में नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।

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