Home स्वास्थ्य रोजाना 7000 कदम चलना शरीर के लिए कैसे है फायदेमंद…

रोजाना 7000 कदम चलना शरीर के लिए कैसे है फायदेमंद…

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रोजाना 7000 कदम चलना शरीर और दिमाग दोनों के लिए बेहद लाभदायक माना जाता है. डिप्रेशन एक मानसिक स्वास्थ्य समस्या है, जिसमें व्यक्ति लंबे समय तक उदासी, थकान और उत्साह की कमी महसूस करता है. वहीं डिमेंशिया दिमागी क्षमता में कमी की स्थिति है, जिसमें याददाश्त, सोचने-समझने और निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है. ये बीमारियां ज्यादातर खराब लाइफस्टाइल, फिजिकल एक्टिविटी की कमी, तनाव, अस्वस्थ खानपान और बढ़ती उम्र की वजह से होती हैं. नियमित रूप से चलना न सिर्फ शारीरिक फिटनेस बनाए रखता है, बल्कि हॉर्मोन बैलेंस रखता है और मस्तिष्क को एक्टिव बनाता है, जिससे इन बीमारियों का खतरा काफी हद तक घटता है.

डिप्रेशन और डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति को मानसिक ही नहीं, शारीरिक नुकसान भी उठाना पड़ता है. डिप्रेशन से नींद की समस्या, भूख में कमी, इम्यूनिटी कमजोर होना और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. वहीं, डिमेंशिया धीरे-धीरे मस्तिष्क के कामकाज को कम कर देता है, जिससे व्यक्ति को रोजमर्रा के काम याद रखना और निर्णय लेना मुश्किल हो जाता है. यह न केवल मानसिक स्वास्थ्य बल्कि सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन को भी प्रभावित करता है. ऐसे में अगर समय रहते सतर्कता न बरती जाए तो ये बीमारियां व्यक्ति की जीवन-गुणवत्ता को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती हैं. ऐसे में रोजाना 7000 कदम चलने जैसी छोटी आदतें इन बीमारियों का खतरा कम करने में अहम भूमिका निभाती हैं. आइए, इसके बारे में जानते हैं.

7000 कदम चलने से कैसे कम होता है इन बीमारियों का खतरा?

बताते हैं कि चलना एक सरल लेकिन प्रभावी एक्सरसाइज है, जो शरीर को ऑक्सीजन की बेहतर सप्लाई, अच्छी ब्लड सर्कुलेशन और हॉर्मोनल बैलेंस बनाए रखता है. जब आप रोजाना 7000 कदम चलते हैं, तो शरीर में एंडोर्फिन और सेरोटोनिन जैसे हैप्पी हाॅर्मोन्स का स्तर बढ़ता है, जिससे मूड बेहतर होता है और डिप्रेशन का खतरा घटता है. इसके अलावा, नियमित वॉक दिमागी सेल्स को सक्रिय रखता है और न्यूरॉन्स के बीच कनेक्शन मजबूत करता है, जिससे डिमेंशिया होने की संभावना कम होती है. चलने से नींद की गुणवत्ता सुधरती है, तनाव का स्तर घटता है और एनर्जी बनी रहती है. यह वजन को कंट्राेल रखने, हार्ट को स्वस्थ बनाने और ब्लड शुगर के स्तर को स्थिर रखने में भी मदद करता है. रोजाना 7000 कदम चलने की आदत अपनाने से न सिर्फ मानसिक स्पष्टता और याददाश्त बेहतर होती है, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ भी दिमाग तेज बना रहता है.

इन चीजों का रखें ध्यान

चलने का समय और रूटीन फिक्स रखें.

आरामदायक और सही फिटिंग वाले जूते पहनें.

धीरे-धीरे कदमों की संख्या बढ़ाएं, अचानक ज्यादा न चलें.

चलते समय सही पॉस्चर बनाए रखें.

हाइड्रेटेड रहें और जरूरत पड़ने पर छोटे-छोटे ब्रेक लें.

चलते समय मोबाइल पर ध्यान न दें, आसपास के माहौल पर ध्यान रखें.

रात में भारी भोजन के तुरंत बाद चलने से बचें.

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