
अमन पथ न्यूज बालोद से उत्तम साहू : शिव की इच्छा के बिना कोई काम संभव नहीं है ईश्वर सबके भीतर है बाहर ढूंढने की जरूरत नहीं है। घर में भी एकता के साथ रहे तो घर अपने आप स्वर्ग बन जाता है और भगवान का भजन इतना करो कि गलत समय ही ना आए। उक्त विचार नगर के माहेश्वरी भवन में आयोजित संगीतमय शिव महापुराण के पांचवे दिन सोमवार को प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के पुत्र कथा वाचक पंडित राघव मिश्रा ने व्यक्त किए।
सोमवार को पंडित राघव मिश्रा ने कथा प्रसंग को आगे बढ़ाते हुए कहा प्रयास करो कि भगवान का मंदिर कभी न छूटे, मंदिर के शिखर दर्शन से सब पाप समाप्त हो जाते हैं।उन्होंने कहा सबके अंदर भगवान हैं बस उसे खोजने की देरी है।उन्होंने कहा भक्ति में दिखावा मत करो भोलेनाथ दिखावा आडम्बर से प्रसन्न नहीं होते हैं उनको पाने निर्मल मन समर्पण भाव की जरूरत होती हैं।
अपने जीवन में एक पेड़ अवश्य लगाएं
उन्होंने कहा जीवन में किसी का कर्ज बाकी नहीं रखना चाहिए। अंत समय में लकड़ी की आवश्यकता सभी की पड़ती है इसलिए लकड़ी का कर्ज चुकाने के लिए जीवन में एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए चाहे वो आम का,इमली, नीम कोई भी हो।उन्होंने कहा आपके हाथ से लगाया गया बेल का पौधा जिसकी बेलपत्र लोग लेकर जाएंगे जो भगवान शंकर के शिवलिंग पर अर्पित किया जाएगा उसका पुण्य भी बेलपत्र का पौधा लगाने वाले को प्राप्त होता है।उन्होंने बताया आपके हाथ से लगाया हुआ बेलपत्र का पौधा बड़ा होता है और उसमें का बेलपत्र भगवान शिव के मंदिर तक पहुंच जाता है तो ये पक्का हैं महादेव आपको कैलाश धाम में बुला लेगा।
उन्होंने कहा बेलपत्र के वृक्ष नीचे जल चढ़ा कर उस जल को हम अपने ऊपर छिड़क लेते हैं तो गंगा, जमुना ,सरस्वती, गोदावरी सरयू ,नर्मदा आदि नदियों में स्नान करने का पुण्य मिल जाता है।कथा में कुंदकेश्वर महादेव के प्राकट्य दिवस मनाया गया।



