मैनचेस्टर: भारतीय टीम ने पांच टेस्ट मैचों की सीरीज में अधिकतर मैचों में बल्लेबाजी लाइनअप को लंबा करने के लिए ऑलराउंडरों पर भरोसा जताया है, लेकिन सीरीज का रिजल्ट फिलहाल उसके पक्ष में नहीं है। भारतीय टीम लीड्स और मैनचेस्टर में 20-20 विकेट नहीं ले सकी। उसे दोनों टेस्ट में हार का सामना करना पड़ा।
इसका मुख्य कारण उसका रवींद्र जडेजा, वॉशिंगटन सुंदर, नीतीश कुमार रेड्डी और शार्दुल ठाकुर जैसे ऑलराउंडरों पर भरोसा जताना है। इन चारों ने मिलकर इस सीरीज में कुल 19 विकेट लिए हैं जिसमें जडेजा ने चार मैच में सात, वॉशिंगटन ने तीन मैच में सात, नीतीश ने दो मैच में तीन और शार्दुल ने दो मैच में दो विकेट लिए हैं। इन चारों ने अब तक गेंद से मैच जिताऊ प्रदर्शन नहीं किया है।
जडेजा और वॉशिंगटन ने भले ही बल्ले से पिछला मैच बचाया हो लेकिन भारतीय टीम प्रबंधन को यह सोचना पड़ेगा कि 650 से ज्यादा रन अगर विपक्षी टीम बना लेगी तो वह मैच नहीं जीत पाएंगे। अब देखना है कि भारतीय टीम इस मैच को जीतने के लिए 20 विकेट लेने पर फोकस करती है या अपनी पुरानी रणनीति पर चलती है।
मुख्य कोच, हमारे फिजियो और कप्तान चर्चा करेंगे और उनको खिलाने पर फैसला करेंगे। दूसरे तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के लगातार चार टेस्ट मैच खेलने को लेकर उन्होंने कहा कि सिर्फ एक नहीं, सभी गेंदबाजों का कार्यभार प्रबंधन किया जाता है। मुझे नहीं पता कि आप लोग वास्तविक कार्यभार के बारे में क्या सोचते हैं।
उन्होंने कहा, अगर मैं आपको जल्दी से बताऊं तो टेस्ट सीरीज से पहले अगर कोई गेंदबाज हर हफ्ते एक निश्चित संख्या में ओवर डालता है और टेस्ट में वह उससे ज्यादा ओवर डालता है तो फिर उसके कार्यभार को देखने वाले डेटा में उछाल आएगा।
उन्होंने कहा, “अगर कोई गेंदबाज हर हफ्ते 30 ओवर डाल रहा है और अचानक पहली पारी में वह 35 ओवर डाल देता है, तो यह उसके कार्यभार के आंकड़ों में उछाल आएगा। सिराज जितने ओवर अभ्यास के समय करते हों, जरूरी नहीं कि मैच में वह उससे ज्यादा डाल रहे हों। अगर सिराज को उनका शरीर थका हुआ लगता है तो वह या फिजियो खुद इस बारे में बताएंगे।
उन्होंने संकेत दिए कि टीम प्रबंधन बुमराह और सिराज दोनों को खिला सकता है। हालांकि इतना तय है कि चोटिल विकेटकीपर ऋषभ पंत की जगह ध्रुव जुरैल खेलेंगे। कोटक ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि ध्रुव एक असाधारण प्रतिभा है। वह बहुत अच्छे विकेटकीपर हैं जो अच्छी तरह से बल्लेबाजी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि कप्तान, कोच और टीम प्रबंधन को लगेगा कि गेंदबाज बढ़ाना फायदेमंद है तो गेंदबाज जरूर बढ़ेंगे। अगर बल्लेबाज की संख्या बढ़ाना फायदेमंद है, तो वह भी हो सकता है। लेकिन एक बात है जब आप पांच गेंदबाजों के साथ खेलते हैं, तो सभी गेंदबाज कम गेंदबाजी करते हैं।



