नई दिल्ली : भाद्रपद महीना बेहद खास होता है। यह महीना जगत के पालनहार भगवान कृष्ण को समर्पित होता है। इस माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। वहीं, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि पर श्रीजी यानी राधा रानी का जन्मोत्सव मनाया जाता है।
इससे पहले शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के अगले दिन गणेश चतुर्थी मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस माह के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत मनाया जाता है। इस दिन देवों के देव महादेव की भक्ति भाव से पूजा की जाती है। साथ ही उनके निमित्त व्रत रखा जाता है। आइए, भाद्रपद माह के पहले प्रदोष व्रत की सही डेट और शुभ मुहूर्त जानते हैं-
साधक अपनी सुविधा अनुसार समय पर स्नान-ध्यान कर देवों के देव महादेव और जगत की देवी मां पार्वती की पूजा कर सकते हैं। वहीं, प्रदोष काल में महादेव की पूजा- आरती अवश्य करें।
पंचांग
- सूर्योदय – सुबह 05 बजकर 53 मिनट पर
- सूर्यास्त – शाम 06 बजकर 56 मिनट पर
- ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04 बजकर 25 मिनट से 05 बजकर 09 मिनट तक
- विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 35 मिनट से 03 बजकर 27 मिनट तक
- गोधूलि मुहूर्त – शाम 06 बजकर 56 मिनट से 07 बजकर 17 मिनट तक
- निशिता मुहूर्त – रात 12 बजकर 03 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक



