
राधेश्याम सोनवानी गरियाबंद : आज से ठीक 31 वर्ष पहले गरियाबंद जिले ने उस क्षण को महसूस किया था, जब देश की राजनीति का सबसे प्रखर और करिश्माई चेहरा, भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी यहां आकर कुछ देर ठहरे थे। यह वह दौर था जब वर्ष 1994 में उड़ीसा उपचुनाव के प्रचार प्रसार से लौटते हुए अटल जी का काफिला गरियाबंद पहुंचा और उन्होंने यहां भाजपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।

स्थानीय कार्यकर्ताओं के लिए यह क्षण जीवन का सबसे बड़ा संबल था। जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता, कर्तव्यनिष्ठ सिपाही और विचारधारा के सच्चे वाहक स्व. देवधर शर्मा ने उस वक्त अटल जी से चर्चा की थी। उन्होंने जिले की राजनीतिक परिस्थिति, संगठन की मजबूती और जनता की उम्मीदों को लेकर अपने विचार रखे थे। वाजपेयी जी ने बड़े ध्यान से सब सुना और कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद देते हुए संगठन के प्रति समर्पण की प्रेरणा दी।
आज अटल जी की पुण्यतिथि पर वह पल फिर से यादों के झरोखे से ताज़ा हो गया है। भाजपा जिला महामंत्री आशीष शर्मा, जो स्व. देवधर शर्मा के पुत्र हैं, ने सोशल मीडिया पर उस ऐतिहासिक मुलाकात की तस्वीरें साझा कीं। यह पोस्ट देखते ही जिले के कार्यकर्ता और आम लोग भावुक हो उठे। तस्वीरों ने मानो तीन दशक पुरानी उस मुलाकात को फिर जीवंत कर दिया।

आशीष शर्मा बताते हैं कि उस समय वे मात्र 11 वर्ष के थे और अपने पिता के साथ देश के सबसे बड़े नेता अटल जी की झलक पाने पहुंचे थे। वे याद करते हैं कि कैसे अटल जी ने अपने सहज, सरल और मधुर व्यवहार से सबका दिल जीत लिया। वे कहते हैं — “इतने ऊँचे पद पर होने के बावजूद अटल जी कार्यकर्ताओं से मिलते-जुलते थे, उनकी बातें सुनते थे और उनका मनोबल बढ़ाते थे। उनकी यही शैली आज भी प्रेरणा देती है।”



