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किस बीमारी के कारण आंखों से पानी आता रहता है, जानें एक्सपर्ट से…

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कई लोगों को आंखों से पानी आने की समस्या रहती है. यह कभी हल्की मात्रा में होता है तो कभी इतना ज्यादा कि आंखें खुली रखने में भी परेशानी हो सकती है. पानी अक्सर ठंडी हवा, धूल-मिट्टी, धुएं या लंबे समय तक कंप्यूटर और मोबाइल स्क्रीन देखने पर भी आ सकता है. आंखों में संक्रमण, एलर्जी या धूल के कण जाने पर यह समस्या और बढ़ सकती है. उम्र बढ़ने के साथ आंसू नलिकाएं कमजोर हो जाती हैं, जिससे पानी ज्यादा बहने लगता है. कई बार यह लक्षण किसी गंभीर आंखों की बीमारियों से भी जुड़ा हो सकता है. आइए जानते हैं.

जब आंखों से लगातार पानी आता है तो इसके साथ कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं. इसमें आंखों में लालिमा होना, जलन, खुजली, चुभन या आंखों में भारीपन महसूस होना आम है. कुछ लोगों को रोशनी ज्यादा चुभने लगती है या धुंधला दिखाई देने लगता है. लगातार आंसू आने से आंखों में चिपचिपाहट हो सकती है और पलकें चिपक सकती हैं. अगर यह समस्या संक्रमण के कारण हो, तो आंख से पानी के साथ पस भी निकल सकता है. लंबे समय तक स्क्रीन देखने पर आंखें सूखी भी हो सकती हैं, जिससे पानी बार-बार आता है. इसलिए जरूरी है कि लक्षणों को हल्के में न लें और समय रहते उनकी सही पहचान करें.

किस बीमारी के कारण आंखों से पानी आता रहता है?

आंखों से लगातार पानी आना कई बीमारियों का संकेत हो सकता है. सबसे आम कारण है कंजक्टिवाइटिस (आंख की लालिमा और संक्रमण), जिसमें आंखें सूज जाती हैं और पानी या पस निकलता है. इसके अलावा ड्राई आई सिंड्रोम भी एक बड़ा कारण है, जिसमें आंखें सूखने लगती हैं और उनकी नमी बनाए रखने के लिए बार-बार आंसू आते हैं. एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस में भी धूल, बाहरी कण, धुआं या पालतू जानवरों से एलर्जी के चलते आंखों से लगातार पानी आता रहता है. कुछ मामलों में ग्लॉकोमा यानी काला मोतिया, कॉर्नियल इंफेक्शन या आंसू नलिका का ब्लॉकेज भी जिम्मेदार हो सकता है. बच्चों में आंसू नलिका के जन्म से ही बंद होने की वजह से पानी आता है. अगर आंखों से पानी लगातार आ रहा है और इसके साथ दर्द, धुंधलापन या रोशनी चुभने जैसे लक्षण हों तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.

कैसे करें बचाव

आंखों को धूल-मिट्टी और धुएं से बचाएं.

स्क्रीन पर काम करते समय समय-समय पर ब्रेक लें.

आंखों को बार-बार न रगड़ें.

साफ पानी से दिन में 23 बार आंखें धोएं.

संक्रमण या एलर्जी की स्थिति में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.

बाहर जाते समय सनग्लास का उपयोग करें.

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