मुंगेली : पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘‘पहल’’ अभियान के तहत बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित संवाद सभाकक्ष में दुर्व्यवसनी बालकों, युवाओं एवं उनके अभिभावकों के लिए विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य युवाओं को नशे के अंधकार से बाहर निकालकर उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करना था। इस अवसर पर ‘‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’’ सूत्र के साथ युवाओं को संदेश दिया गया कि बुराई (नशा) को त्यागकर अच्छाई को अपनाना ही जीवन का सही मार्ग है। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने परिजनों के समक्ष नशे से जुड़े खतरों और उसके दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि नशा केवल स्वास्थ्य को नुकसान नहीं पहुँचाता, बल्कि शिक्षा से दूर कर अपराध की ओर धकेलता है और जीवन को बर्बाद कर देता है।
एसपी पटेल ने परिजनों को भी समझाइश दी कि वे अपने बच्चों पर सतत निगरानी रखें—वे किसके साथ रहते हैं, किस तरह के दोस्त बनाते हैं, कितना समय मोबाइल पर बिताते हैं और कहीं नशे की ओर तो नहीं बढ़ रहे। यदि बच्चा नशे की चपेट में आता है तो परिजन तत्काल पुलिस अथवा स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर नशा मुक्ति केंद्र की मदद ले सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जिले में अवैध रूप से ब्राउन शुगर, गांजा, चरस, नाइट्रा या अन्य मादक पदार्थों की बिक्री और सेवन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस टीम इस पर लगातार नजर रख रही है और तस्करी अथवा सेवन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि कहीं नशे का कारोबार या सेवन होता दिखे तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी। कार्यशाला में पुलिस अनुविभागीय अधिकारी मयंक तिवारी, उप पुलिस अधीक्षक नवनीत पाटिल, निरीक्षक प्रसाद सिन्हा, उप निरीक्षक सुशील बंछोर सहित पुलिस स्टाफ, नशे की चपेट में आए युवा और उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।



