
छ्तीसगढ़ पुलिस में नक्सलियों के काल माने जाने वाले दो जाबांज सुपर कॉप को भारत सरकार शौर्य पदक से पुरस्कृत करेगी. उत्तर बस्तर हो या दक्षिण बस्तर, नक्सलियों का छत्तीसगढ़ पुलिस के जिन दो दोन जवानों का नाम सुन पसीना छूटता है, उन्हों दोनों सुपर कॉप को सरकार शौर्य पदक से सम्मानित करने जा रही है.
गौरतलब है नक्सलवाद के लाल आतंक के नाम से मशूहर छ्त्तीसगढ़ का बस्तर जिला दशकों से नक्सली हिंसा की चपेट में रहा है. नक्सलवाद के इसी आतंक को समाप्त करने के लिए भारत सरकार ने मुहिम छेड़ रखी है. जवान अब उन इलाकों में पहुंच रहे हैं, जो कभी माओवादियों का कोर इलाका हुआ करता था.
दोनों ने 29 नक्सलियों को मार गिराने वाले ऑपरेशन को किया था लीड
रिपोर्ट के मुताबिक नक्सल विरोधी अभियान अब उत्तर बस्तर के कलपर-हापाटोला का इलाकों में पहुंच चुकी है, जो एरिया नक्सलियों का कोर माना जाता था. गत 16 अप्रैल 2024 में पहली बार सुरक्षाबलों ने यहां 29 नक्सलियों को मार गिराया था. इस पूरे ऑपरेशन को जिन दो जांबाज जवानों ने लीड किया, उन्हें सरकार अब शौर्य पदक से सम्मानित करने जा रही है.
नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन में पहली बार पखांजुर थाना प्रभारी लक्ष्मण केवट और भानुप्रतापपुर थाना प्रभारी रामेश्वर देशमुख के नेतृत्व में नक्सलियों के उनके इलाके में घुसकर ढ़ेर कर दिया था. इसमें शंकर राव सहित डेढ़ करोड़ से अधिक के इनामी नक्सली मारे गए थे.100 से अधिक ऑपरेशन लीड कर चुके है सुपर कॉप लक्ष्मण केवट
छत्तीसगढ़ पुलिस में सुपर कॉप के रूप में मशहूर लक्ष्मण केवट अब तक 100 से अधिक नक्सल ऑपरेशन को लीड कर चुके हैं. कुल 92 नक्सलियों को मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों को न्यूट्रलाइज कर चुके लक्ष्मण केवट को अब तक 6 बार राष्ट्रपति पदक और एक बार वीरता पदक मिल चुका है.
52 नक्सलियों को न्यूट्रलाइज कर चुके रामेश्वर देशमुख को शौर्य पदक
छत्तीसगढ़ पुलिस में इंस्पेक्टर रामेश्वर देशमुख दूसरे ऐसे सुपर कॉप है, जिसने नक्सली थर्राते हैं. 52 से अधिक नक्सलियों को न्यूट्रलाइज करने वाले रामेश्वर देशमुख अब तक 2 दो बार राष्ट्रपति पदक और दक्षता पदक मिल चुका है. एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के नाम मशहूर दोनों कॉप को इस बार शौर्य पदक से पुरस्कृत किया जाएगा.



