

राधेश्याम सोनवानी गरियाबंद : छत्तीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अरुण देव गौतम ने हाल ही में गरियाबंद पुलिस के जवानों को नक्सल विरोधी अभियान में मिली बड़ी सफलता के लिए बधाई दी है। यह सफलता 10 से 12 सितंबर, 2025 तक ई.30 एसटीएफ, सीएएफ, और कोबरा 207 बटालियन के संयुक्त ऑपरेशन के दौरान मिली, जिसमें 10 बड़े कैडर के नक्सली लीडरों को मार गिराया गया। इनमें मोडेम बालकृष्णा उर्फ मनोज (सीसी) भी शामिल था, जो एक बड़ा नक्सली लीडर था। यह ऑपरेशन मैनपुर थाना क्षेत्र के राजाडेरा मटाल पहाड़ी में चलाया गया था। खुफिया सूचना मिली थी कि इस इलाके में माओवादी छिपे हुए हैं। जब सुरक्षा बल वहां पहुंचे, तो नक्सलियों ने उन पर हमला कर दिया। सुरक्षा बलों ने अपनी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिससे यह मुठभेड़ हुई। इस मुठभेड़ में, सुरक्षा बलों को न केवल नक्सलियों को मार गिराने में सफलता मिली, बल्कि उन्होंने उनके खतरनाक मंसूबों को भी नाकाम कर दिया।
इस बड़ी सफलता के बाद, डीजीपी अरुण देव गौतम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (नक्सल विरोधी अभियान) विवेकानंद सिन्हा, और पुलिस महानिरीक्षक (रायपुर रेंज) अमरेश मिश्रा, बीएसएफ, सीआरपीएफ और कोबरा 207 एसटीएफ के अधिकारियों के साथ गरियाबंद पुलिस लाइन पहुंचे। उन्होंने एसपी निखिल राखेचा और ऑपरेशन में शामिल सभी जवानों की सराहना की। इस मौके पर जवानों के लिए एक बड़ा खाना का भी आयोजन किया गया था, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों ने जवानों के साथ भोजन किया।
यह सफलता छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है और इससे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा की उम्मीदें बढ़ी हैं। पुलिस और सुरक्षा बलों की यह बहादुरी और रणनीति सराहनीय है।



