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दंतेवाड़ा की छात्राओं में विज्ञान के प्रति जागी नई रुचि, अनुसंधान यात्रा ने खोले ज्ञान के द्वार

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एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाडा किरंदुल : छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले की स्कूली छात्राओं में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने के लिए राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (SCERT), रायपुर और छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में 13 से 18 सितंबर 2025 तक एक अनूठी विज्ञान अनुसंधान यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में राज्य के विभिन्न जिलों से विज्ञान क्विज के माध्यम से चयनित 54 मेधावी छात्राओं और 9 जोन प्रभारी शिक्षिकाओं ने हिस्सा लिया।

दंतेवाड़ा जोन की प्रभारी शिक्षिका हेमलता सिन्हा, सेजेस शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोडेनार क्रमांक-2, ने बताया कि दंतेवाड़ा जोन से दंतेवाड़ा, बीजापुर और सुकमा जिले की छात्राओं ने इस यात्रा में भाग लिया। दंतेवाड़ा से कु. भावना भंडारी (सेजेस हिंदी, कोडेनार क्रमांक-2), कु. अंतरा कश्यप (सेजेस, कुआकोंडा), बीजापुर से कु. प्रेक्षा अय्यर और गायत्री पाल (सेजेस, बीजापुर), तथा सुकमा से मिसबा (पी.एम. श्री सेजेस, कोन्टा) शामिल रहीं।

यात्रा का शुभारंभ डॉ. सपन कर्मकार, महानिदेशक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, ने रीजनल साइंस सेंटर, रायपुर से किया। पांच दिवसीय इस शैक्षिक यात्रा में छात्राओं ने कोलकाता के बिरला प्लैनेटेरियम, साइंस सिटी, एस.एन. बोस इंस्टीट्यूट ऑफ बेसिक साइंस और साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स का भ्रमण किया। उन्होंने रमन प्रभाव, इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी, परम शून्य ताप पर हीलियम का द्रवीकरण, डीएनए की संरचना, रडार प्रणाली, परम रुद्रा सुपर कंप्यूटर, नासा के अंतरिक्ष अभियानों और वाइजर यान द्वारा ग्रहण अध्ययन पर आधारित फिल्मों के साथ-साथ विभिन्न भौतिक प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।

छात्राओं को वैज्ञानिक उपकरणों की कार्यप्रणाली समझने और शोध से जुड़े वैज्ञानिकों से संवाद करने का अवसर मिला, जिससे जटिल वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझने में उन्हें आनंद आया और विज्ञान के प्रति उनकी रुचि बढ़ी। इस यात्रा का संचालन जे.पी. रथ, अतिरिक्त संचालक, SCERT, के मार्गदर्शन में के.के. शुक्ला और ओ.पी. मिश्र, सहायक प्राध्यापक, के नेतृत्व में हुआ। डॉ. वसीम राजा, वरिष्ठ वैज्ञानिक, और डॉ. चंद्रवंशी, वैज्ञानिक, छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, ने इसका समन्वय किया।

इस पहल ने छात्राओं में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्रति जागरूकता और उत्साह जागृत किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में दंतेवाड़ा के जिला शिक्षा अधिकारी और विद्यालय प्राचार्यों का विशेष योगदान रहा।

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