एस एच अज़हर अमन पथ : जिला पंचायत संसाधन केंद्र – दंतेवाड़ा में महिला सशक्तिकरण एवं पंचायतों को महिला हितैषी बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में जिले के जनपद पंचायत- गीदम के विभिन्न ग्राम पंचायतों की महिला सरपंचों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत स्तर पर जेंडर समानता की समझ विकसित करना तथा निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाना था।
प्रशिक्षण के दौरान जेंडर, जैविक लिंग और पितृसत्ता, कार्यों का जेंडर आधारित विभाजन, महिलाओं की सामाजिक भूमिका एवं अधिकार, तथा महिला हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
विशेषज्ञों ने बताया कि जेंडर समानता केवल महिलाओं का मुद्दा नहीं, बल्कि पूरे समाज की प्रगति से जुड़ा हुआ है।
प्रशिक्षण के दूसरे दिन सहभागी सरपंचों ने समूह कार्य के माध्यम से यह साझा किया कि पंचायत स्तर पर किस प्रकार महिला हितैषी निर्णय लिए जा सकते हैं, जैसे — महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सेवाओं की सुलभता, तथा पंचायत बैठकों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।
कार्यक्रम में संसाधक के रूप में जेंडर विशेषज्ञ, जिला संकाय सदस्य, पीरामल फाउंडेशन के कर्मचारी एवं पंचायत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के समापन अवसर पर प्रतिभागी महिला सरपंचों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा ग्राम पंचायतों को महिला हितैषी बनाने हेतु ठोस कदम उठाने का संकल्प लिया गया।



