बिहार में लोक आस्था का सबसे बड़ा पर्व छठ महापर्व आज नहाय-खाय के साथ पूरे श्रद्धा और भक्ति भाव से शुरू हो गया है. सुबह से ही राज्यभर के घाटों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ देखने को मिली. महिलाएं परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ स्नान कर सूर्य देवता की उपासना में लीन रहीं. पटना के कंगन घाट, जनार्दन घाट, एलसीटी घाट और काली घाट सहित सभी बड़े घाटों पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा.
राज्य के इन घाटों पर भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़:- राज्य के अन्य जिलों में भी छठ की धूम देखी जा रही है. हाजीपुर के कौनहारा घाट, मुंगेर के नमामि गंगे घाट, छपरा के सीढ़ी घाट और क्लब घाट सहित दरभंगा, भागलपुर और गया में भी सुबह से श्रद्धालु पूजा-पाठ में जुटे रहे. सूर्य नगरी देव, औरंगाबाद में भी 50 हजार से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे. गंगा, गंडक और सोन नदी के तटों पर “छठी मइया” के जयकारे गूंजते रहे. महिलाओं ने स्नान के बाद साफ-सफेद वस्त्र धारण कर पूजा सामग्री तैयार की और सूर्य देव के प्रति आभार व्यक्त किया
सड़कों पर घंटों तक वाहनों की लगी रहीं कतारें:- हालांकि, घाटों की ओर जाने वाली सड़कों पर भारी जाम ने श्रद्धालुओं की परीक्षा भी ली. विशेषकर हाजीपुर के कौनहारा घाट, सीढ़ी घाट और पुल घाट की ओर जाने वाली सड़कों पर पांच घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं. गांधी चौक, नखास चौक और कौनहारा बाईपास जैसे इलाकों में लोग पैदल ही घाटों तक पहुंचे.



