महासमुंद : जिले के ग्रामीण क्षेत्रो में अगंद की तरह अपना पांव जमा चुके झोलाछाप चिकित्सकों पर कार्रवाई के लिए स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को “शुभ मुहूर्त” नहीं मिल पा रहा है। विभाग को इससे अवगत कराएं जाने और झोलाछाप चिकित्सकों की पूरी जानकारी होने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग के अफसर कार्रवाई करने की बजाय मौन साधे हुए। ज्ञात हो कि दैनिक अमनपथ अखबार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रो में बिना डिग्री के ग्रामीण क्षेत्रो में ग्रामीणों का उपचार करने वाले झोलाछाप चिकित्सकों के सम्बंध में लगातार खबर प्रकाशित कर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराए जा रहा है। बावजूद विभाग द्वारा इस मामले में कोई खास कार्रवाई अब तक नहीं की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार झोलाछाप चिकित्सकों की संख्या बढ़ती जा रही है। कुछ झोलाछाप चिकित्सकों ने तो गांव में क्लिनीक के साथ बकायदा अपना मेडिकल स्टोर्स भी खोल रखा है जो ग्रामीणों को इलाज के नाम उनके स्वास्थ्य के साथ तो खिलवाड़ करने के साथ उन्हें लूटने का भी कार्य कर रहें है।
स्वास्थ्य विभाग के पास है पूरा डाटा !
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले के सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पास झोलाछाप चिकित्सकों की सूची है पर कार्रवाई को लेकर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसरों ने जैसे कार्रवाई न करने की कसम खाल हैं। यही वजह है कि झोलाछाप चिकित्सक आज भी बिना डिग्री के ग्रामीण क्षेत्रों में मानव जीवन के साथ इलाज के नाम पर खुलेआम खिलवाड़ कर रहें हैं। इसकी जानकारी भी जिम्मेदार पदों पर बैठे प्रशासनिक अफसरों को है बावजूद उनके द्वारा इस मामले में संज्ञान नहीं लिया जाना जनता के प्रति उनकी असंवेदनशीलता कार्यप्रणाली को दर्शाता है। सूत्रों के अनुसार महासमुंद ब्लॉक में कार्यरत करीब 250 झोलाछाप चिकित्सकों की सूची बकायदा मोबाईल नम्बर के साथ ब्लॉक मेडिकल अफसर और सीएमएचओ कार्यालय में उपलब्ध है।
बीएमओ क्यों नहीं कर रहें कार्रवाई, क्या है नाता ?
जानकारी के अनुसार जिले के करीब सभी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पास उनके क्षेत्र में बिना डिग्री के निजी तौर पर स्वास्थ्य उपचार करने वाले झोलाछाप चिकित्सकों की सूची बकायदा नाम, गांव और मोबाइल नम्बरों के साथ है उनके पास है। पर इसके बाद भी ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर उन पर कार्रवाई नहीं कर रहें है। अफसर और झोलाछाप चिकित्सकों के बीच ऐसा क्या नाता है जो वे उन कार्रवाई नहीं कर पा रहें हैं ?
स्वास्थ्य विभाग के अफसर कहते है, देखते ही क्लीनिक बन्द कर भाग जाते है !
झोलाछाप चिकित्सको पर कार्रवाई को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों से हुई मौखिक बातचीत में उन्होंने कहा कि वे जब भी कार्रवाई के लिए जाते है तो झोलाछाप चिकित्सक अपना क्लीनिक बन्द करके भाग जाते है।सीएमएचओ कहना है कि उन्होंने सभी ब्लाक मेडिकल ऑफिसर को कार्रवाई करने के मौखिक निर्देश दिए है।
बिना डिग्री इलाज करना कानूनी अपराध है
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल शर्मा का कहना है कि बिना डिग्री के किसी भी व्यक्ति का इलाज करना कानूनी अपराध है। इसके लिए कानून में विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई का प्रावधान है जिसके तहत सजा भी है। अगर ऐसा हो रहा है तो यह गम्भीर मामला है इस पर प्रशासन को संज्ञान लेना चाहिए और इस पूरी तरह से प्रतिबंधित करना चाहिए।
वर्जन
विभाग से ली जाएगी जानकारी
झोलाछाप चिकित्सकों के सम्बंध में विभाग से पूरी जानकारी ली जाएगी। आपके अखबार में प्रकशित खबर की कटिंग मुझे भेजिए।

विनय कुमार लंगेह- कलेक्टर महासमुंद



