एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाड़ा: जिला पंचायत दंतेवाड़ा के संसाधन केंद्र दंतेवाड़ा में नव-निर्वाचित उपसरपंचों के लिए तीन दिवसीय अभिमुखीकरण प्रशिक्षण कार्यक्रम दिनांक 17 नवम्बर से 19 नवम्बर 2025 तक सफल आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य नव-निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को पंचायत प्रणाली की संरचना, अधिकारों, दायित्वों और शासन व्यवस्था की गहन जानकारी प्रदान करना रहा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को 73वें संविधान संशोधन की प्रमुख विशेषताएँ, छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम तथा त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था की संरचना पर विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ग्राम पंचायतों के कार्य, उपसरपंच की भूमिका, ग्राम सभा की कार्यप्रणाली, पंचायत बैठकों का संचालन, स्थायी समितियों का गठन एवं उनके कार्य, जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों को जिला एवं जनपद पंचायतों द्वारा संचालित योजनाओं, 15वें वित्त आयोग, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, जिला एवं जनपद पंचायत विकास निधि, ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP), GPPFT, तथा LSDG (Local Sustainable Development Goals) के 9 थीम के बारे में भी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में ई-ग्राम स्वराज अभियान के अंतर्गत संचालित ऑनलाइन पोर्टल की जानकारी, पंचायतों में अनिवार्य एवं ऐच्छिक करारोपण, सेवा शुल्क, तथा ग्राम पंचायतों की स्वंय की आय बढ़ाने के उपाय जैसे व्यावहारिक विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही PESA अधिनियम की प्रासंगिकता एवं ग्राम स्वराज के सशक्तिकरण में उसकी भूमिका पर भी विस्तृत चर्चा की गई।
प्रशिक्षण के अंत में प्रतिभागियों से मूल्यांकन प्रपत्र एवं फीडबैक भरवाया गया तथा TMT (Training Management Tool) के माध्यम से प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर उप संचालक पंचायत जी, जिला पंचायत दंतेवाड़ा, संकाय सदस्य जिला पंचायत संसाधन केंद्र मांझीपदर दंतेवाड़ा , जिला अंकेक्षक एवं नीति आयोग के डेवलपिंग पार्टनर – पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



