रिपोर्टर मुन्ना पांडेय सरगुजा : अमेरा खुली खदान विस्तार का मुद्दा सियासी मोड़ लेकर गहराता जा रहा है। ग्राम परसोडी कला में पंचायत वासियों तथा पुलिस प्रशासन के बीच 3 दिसम्बर को हुये खूनी संघर्ष ने अब नया शक्ल अख्तियार करता जा रहा है।भले ही प्रशासन एवं एस ईसीएल प्रबंधन ने ग्रामीणो के जमीन पर कब्जा कर लिया है लेकिन ग्रामीणो का साफ़ कहना है खदान के लिए एक इंच जमीन नहीं देंगे। प्रभावित ग्रामीणो के खैरियत की परवाह करते सत्तापक्ष एवं विपक्ष सियासी दल ग्राम परसोडी कला पहुंच मसले का हल निकालने आश्वासन दिया है ।
इसी कड़ी में जाने-मानेकांग्रेसी नेता और सरगुजा राजपरिवार के आदित्यायेश्वर शरण सिंह देव (आदी बाबा) 12 दिसम्बर शुक्रवार को लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम परसोडी कला पहुंच प्रभावित ग्रामीणों से सौजन्य मुलाकात करते हुए वस्तु स्थिति का जायजा लिया। और उन्होंने 3 दिसंबर को पुलिस प्रशासन एवं एस ईसीएल प्रबंधन के दरमियान हुये घटना के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2014 से अमेरा खदान विस्तार को लेकर लगातार ग्रामीणों के द्वारा विरोध किया जाता रहा है। समय-समय पर ग्राम सभा में हुए प्रस्ताव पास के संबंध में शासन प्रशासन को अवगत भी कराया जाता रहा था तथा खदान विस्तार को लेकर जमीन देने से साफ इनकार किया गया था।
पांचवी अनुसूचित क्षेत्र होने कारण बिना किसी सूचना ग्राम सभा से बिना सहमति लिए एस ईसीएल प्रबंधन द्वारा बल पूर्वक जबरन भू अर्जन किया गया है जिसमें ग्रामीणों की कोई दिली रजामंदी नहीं है। ग्रामीणों का आरोप है कि –विगत दिनों पूर्व क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि अमेरा खदान विस्तार को लेकर ग्रामीणों के द्वारा सहमति बनी है। भाजपा जिला अध्यक्ष के द्वारा कोई बैठक ग्राम परसोडी कला में नहीं किया गया था। बल्कि यह बैठक लखनपुर में किया गया था। इस तरह से लोगों के बीच तरह तरह के भ्रम फैलाये जा रहे है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि वह अपनी जमीन खदान विस्तार के लिए नहीं देंगे। ग्रामीणों से मुलाकात करने वाले कांग्रेसियों में ब्लॉक अध्यक्ष कृपा शंकर गुप्ता अमित सिंह देव,रणविजय सिंह देव, वीरेंद्र सिंह देव, हिमांशु जायसवाल,जगरोपण यादव, इरशाद खान जयप्रकाश साहू सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल रहे।
मीडिया कर्मियों को जानकारी देते हुए आदित्यायेश्वर शरण सिंह देव ने कहा कि – 3 दिसंबर को हिंसक घटना हुई जो असंवेदन सील घटना है। प्रशासन और ग्रामीणों के बीच ऐसा मुठभेड़ नहीं होना चाहिए था। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए थी। इस घटना से ग्रामीण और पुलिस दोनों घायल हुए हैं। कॉल बेरिंग एक्ट के तहत केंद्र सरकार के द्वारा कठोर तरीके से जमीन अधिग्रहण किया जा सकता है। कुछ त्रुटियां विस्थापन और पुनर्वास क्रियान्वन सहित अन्य संबंधित विषयों को लेकर चर्चा हुई गांव के अस्तित्व को बचाना निहायती जरूरी है। कानूनी कार्यवाही को लेकर आगे बढ़ेंगे।पार्टीगत भाजपा कांग्रेस ना करते हुये परसा कोल माइंस,अमेरा खदान विस्तार, मैनपाट बॉक्साइट खनन सहित सरगुजा संस्कृति को बचाए रखने के लिए एकजुट होकर इस लड़ाई को लड़ना होगा।



