
महासमुंद: स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद क्षेत्र में बिजली बिलों में अचानक और बेतहाशा वृद्धि ने नागरिकों की परेशानियां के साथ ही उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। पिथौरा के ग्राम नयापारा खुर्द निवासी दिवंगत लखपति साहू के नाम से मीटर क्रमांक 1003367054 स्थापित है। उक्त मृतक उपभोक्ता के वारिस मधुसूदन साहू को बिजली विभाग द्वारा ₹86,763 का बिजली बिल भेजा गया। उपभोक्ता द्वारा किसी तरह ₹10,000 की राशि जमा की गई है, जबकि शेष ₹76,763 की वसूली के लिए बिजली विभाग ने लोक अदालत का नोटिस जारी कर दिया है।
पीड़ित मधुसूदन साहू ने बताया कि वे केवल तीन बल्ब और दो पंखों का उपयोग करते हैं, इसके बावजूद इतना भारी भरकम बिजली बिल भेजा गया है, जिसे चुकाना उनके लिए पूरी तरह असंभव है। श्री साहू ने खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव से बिजली बिल माफ कराने की गुहार लगाई। इस पर विधायक श्री यादव ने कहा कि उनके क्षेत्र से लगातार नागरिक अत्यधिक बिजली बिलों की शिकायतें लेकर उनके पास आ रहे हैं।
पहले जहां उपभोक्ता ₹250 से ₹500 या अधिकतम ₹1000 तक बिजली बिल जमा करते थे, वहीं अब छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद मजदूर परिवारों, छोटे किसानों और निम्न मध्यम वर्ग के घरों में हजारों रुपये के बिजली बिल थमाए जा रहे हैं। विधायक यादव ने कहा कि सरकार के स्मार्ट मीटर जनता की जेब पर डाका डालने जैसा कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि गरीब, मजदूर और किसान वर्ग के परिवारों को ही हजारों रुपये का बिजली बिल भरना पड़ेगा, तो उनके घरों में बिजली कैसे जलेगी? उन्होंने सरकार से मांग की कि पुराने मीटर और स्मार्ट मीटर की खपत में आ रहे व्यापक अंतर की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में यह सिद्ध होता है कि स्मार्ट मीटर वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दिखा रहे हैं, तो यह आम जनता से जबरन वसूली के समान है। विधायक यादव ने कहा कि सरकार को सभी घरों में पुराने मीटर और नए स्मार्ट मीटर दोनों को एक साथ लगाकर समान बिजली लोड देकर परीक्षण करना चाहिए। यदि समान खपत के बावजूद स्मार्ट मीटर अधिक रीडिंग दर्शाता है, तो ऐसे मीटरों को आम जनता के घरों में लगाने पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए।



