Home छत्तीसगढ़ विनाश पर सृजन की जीत का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर : येतराम

विनाश पर सृजन की जीत का प्रतीक है सोमनाथ मंदिर : येतराम

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तुरी आनंद आश्रम स्थित चंडीकेश्वर मंदिर में भाजपा जिलाध्यक्ष ने किया रूद्राभिषेक

महासमुंद : सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत शनिवार को जिलेभर के शिवालयों में महा रूद्राभिषेक व दीपोत्सव का आयोजन किया गया। सभी मंडलों, नगरों में भाजपा कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने सोमनाथ मंदिर के प्रति हमारी अटूट आस्था के 1000 वर्ष पूर्ण के उपलक्ष्य पर जिला भाजपा ब्लाॅक मंडलों, नगरों, गाँवों में स्थित शिव मंदिरों में रूद्राभिषेक कर पूजा-अर्चना व दीप प्रज्ज्वलित किया। भाजपा जिलाध्यक्ष येतराम साहू ने पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बागबाहरा नगर स्थित चंडीकेश्वर महादेव मंदिर तुरी आनंद आश्रम में वैदिक मंत्रोच्चार व श्रद्धा-भक्ति के साथ पूजा-अर्चना एवं रूद्राभिषेक किया। उन्होंने भगवान भोलेनाथ को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा एवं पुष्प अर्पित कर राष्ट्र की एकता, अखंडता तथा जनकल्याण की कामना की। जिलाध्यक्ष श्री साहू ने कहा कि सोमनाथ मंदिर भारत के स्वाभिमान की वह अमर गाथा है जो बार-बार पुनर्स्थापित हुई। मंदिर को 17 बार खंडित करने वाले आक्रमणकारियों का झूठा दंभ हर रोज उतनी ही बार कुचला जाता है, जितनी बार अडिग खड़े सोमनाथ मंदिर पर भगवा ध्वज लहराता है। यह मात्र मंदिर नहीं है, यह इस सत्य का जीवंत प्रमाण है कि भारत की श्रद्धा असीमित है और उसमें पुनर्जीवन की अपार शक्ति निहित है।

हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में अपने अस्तित्व के साथ हमारी आस्था का उत्सव सोमनाथ मंदिर का यह उत्सव हम देख पा रहे हैं। प्रधानमंत्री जी की “विकास भी और विरासत भी” की नीति ने भारत की गौरवशाली परंपराओं को दिव्यता और भव्यता के साथ नई ऊर्जा प्रदान की है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व केवल अतीत का स्मरण नहीं, आत्मविश्वासी और पुनर्जागृत भारत की घोषणा है।

जिलाध्यक्ष श्री साहू ने आगे कहा कि आज से ठीक एक हजार साल पहले विदेशी आक्रांता सुल्तान महमूद ने सोमनाथ पर आक्रमण किया था। तीन दिन के कड़े संघर्ष के बाद 11 जनवरी, 1026 को मंदिर को ध्वस्त कर दिया गया। सोमनाथ मंदिर में कई बार हमलावरों ने आक्रमण कर इसे खंडित करने का दुस्साहस किया। लेकिन, वे भारतीय चेतना को खत्म नहीं कर पाये। लाैह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने 75 वर्ष पूर्व इस गाैरवशाली मंदिर का पुनरूद्धार किया। आज सोमनाथ स्वाभिमान पर्व हमें उस संघर्ष और विजय की याद दिलाता है। सोमनाथ मंदिर हमें सिखाता है कि सत्य और आस्था को कभी मिटाया नहीं जा सकता। यह विनाश पर सृजन की जीत का प्रतीक है। आज भी जब समुद्र की लहरें भगवान सोमनाथ के चरणों को पखारती है, तो भक्त को अनंत काल से चली आ रही शिव की शक्ति का अनुभव होता है। इस दाैरान जिला कोषाध्यक्ष राहुल चंद्राकर, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष श्रीमती स्मिता हितेश चंद्राकर, मंडल अध्यक्ष डॉली ध्रुव जिला मीडिया प्रभारी आनंद साहू, बाला चंद्राकर जिला महामंत्री मोर्चा हरमीत सिंह बग्गा, पार्षद सविता दीवान, मंडल उपाध्यक्ष तुकाराम चंद्राकर, मंडल मंत्री नितेश पांडे, मानसिंह ध्रुव, अशोक दीप, महेंद्र गुप्ता, लिलेश साहू, देवानंद शर्मा, अशोक ध्रुव, जितेन्द्र चंद्राकर, जीवन साहू आदि प्रमुख उपस्थित रहे।

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