
नई दिल्ली: 7 फरवरी से भारत की मेजबानी में शुरू होने वाले ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप 2026 पर अनिश्चितता के बादल मंडराने लगे हैं। बांग्लादेश और ICC के बीच बढ़ते गतिरोध ने टूर्नामेंट में बांग्लादेश की भागीदारी पर बड़ा सवालिया निशाना लगा दिया है।
आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होना है, लेकिन इस टूर्नामेंट से पहले बांग्लादेश और आईसीसी के बीच टकराव बढ़ता जा रहा है। बांग्लादेश की टीम के पास आज यानी 21 जनवरी, आखिरी दिन है कि वह ये फैसला करके आईसीसी को बताए कि वह टूर्नामेंट में हिस्सा लेगी या बायकॉट करेगी? बता दें कि बीसीबी ने भारत में खिलाड़ियों की सुरक्षा चिंताओं का कारण देते हुए टूर्नामेंट के कार्यक्रम या वेन्यू में बदलाव की मांग की थी।
उनका कहना था कि उनके मैच भारत से बाहर श्रीलंका में शिफ्ट कर दिए जाए। हालांकि, आीसीसी ने उनकी इस मांग को खारिज कर दिया था और ये साफ कहा कि बांग्लादेश को ग्रुप-सी में ही खेलना होगा। आईसीसी ने बांग्लादेश को फिर 21 जनवरी तक फैसला लेने के लिए अल्टीमेटम दिया, लेकिन बीसीबी फिर भी अपनी जिद पर अड़ा है।
इस पर बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने ये साफ किया कि बांग्लादेश, भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के दबाव में आकर किसी भी शर्त को स्वीकार नहीं करेगा। नजरुल ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब भारत ने पाकिस्तान का दौरा करने से इनकार किया था, तब ICC ने वेन्यू बदले थे। हमने भी टूर्नामेंट से हटने के बजाय वेन्यू बदलने की एक वाजिब मांग रखी है।
यह पूरा मामला तब बढ़ा जब बांग्लादेश के स्टार तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 से पहले बीसीसीआई के आदेश पर केकेआर ने अपनी टीम से रिलीज किया। ये फैसला बीसीसीआई ने बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या के कारण लिया।
इससे बौखलाई बांग्लादेश सरकार ने अपने यहां IPL मैचों के प्रसारण पर रोक लगा दी। इसके बाद खिलाड़ियों की सुरक्षा का हवाला देकर 7 फरवरी से होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में वेन्यू बदलने की मांग भी की।



