
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पता अब बदल चुका है. साउथ ब्लॉक की दीवारों से निकलकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) अब नई इमारतों ‘सेवा तीर्थ’ और ‘कर्तव्य भवन’ में शिफ्ट हो गया है. शुक्रवार को अपने नए दफ्तर में प्रवेश करते ही प्रधानमंत्री ने सबसे पहले उन फाइलों पर हस्ताक्षर किए जो सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति, खेतों में काम करने वाले किसान और खुद को साबित करने में जुटी महिलाओं की जिंदगी बदल सकती हैं.
हादसे के बाद ‘पीएम राहत’ बनेगी सहारा:- सड़क दुर्घटनाएं बताकर नहीं आतीं, और कई बार अस्पताल पहुंचने के बाद पैसों की कमी या कागजी कार्रवाई के चलते इलाज में देरी हो जाती है, जो जानलेवा साबित होती है. इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पीएम मोदी ने ‘पीएम राहत’ (PM-RAHAT) योजना शुरू की है. यह फैसला हर उस परिवार के लिए सुकून देने वाला है, जिसका कोई सदस्य घर से बाहर काम के लिए निकलता है. इस योजना की सबसे बड़ी खासियत इसका मानवीय पहलू है. अब किसी भी सड़क दुर्घटना पीड़ित को अस्पताल पहुंचने पर इलाज के लिए पैसे जमा कराने की चिंता नहीं करनी होगी. सरकार 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मुहैया कराएगी. इसमें न तो आपको पहले से किसी रजिस्ट्रेशन की जरूरत है, न ही किसी बीमा पॉलिसी की और न ही आय प्रमाण पत्र दिखाने का झंझट. मकसद साफ है, कागजी कार्रवाई बाद में, पहले जान बचाना.



