
रसोई के मसालों में इस्तेमाल होने वाली कलौंजी जिसे कई लोग मंगरैल भी कहते हैं। यह महज स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद में इसे हर मर्ज की दवा भी कहा जाता है।अगर आप भी छोटी-बड़ी बीमारियों से घिरे रहते हैं, तो कलौंजी आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
डायबिटीज के लिए रामबाण है कलौंजी:- कलौंजी के बीजों में ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के गुण होते हैं। खाली पेट कलौंजी का सेवन करने से टाइप-2 डायबिटीज के मरीजों में इंसुलिन रेजिस्टेंस कम होता है।
वजन घटाने में असरदार है कलौंजी:- अगर आप बढ़ते वजन से परेशान हैं, तो कलौंजी मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करती है। गुनगुने पानी के साथ इसका सेवन शरीर की अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने में सहायक है।
गुड कॉलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है कलौंजी:- कलौंजी का सेवन शरीर में ‘बैड कोलेस्ट्रॉल’ को कम करता है और ‘गुड कोलेस्ट्रॉल’ को बढ़ाता है। इससे खून साफ होता है और हार्ट अटैक का खतरा भी कम होता है।
स्किन और चेहरे के लिए फायदेमंद है कलौंजी:- कलौंजी में मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स मुंहासों को दूर करते हैं। वहीं, कलौंजी का तेल बालों में लगाने से बालों का झड़ना रुकता है और वे जड़ से मजबूत होते हैं।
कलौंजी खाने का सही तरीका क्या है?
1.कलौंजी को हल्का भूनकर पीस लें। आधा चम्मच चूर्ण पानी या शहद के साथ लें।
2. रात भर एक गिलास पानी में आधा चम्मच कलौंजी भिगोकर रखें और सुबह छानकर वह पानी पिएं।
3. सुबह खाली पेट कलौंजी के दानों को एक चम्मच शहद में मिलाकर चबाना सबसे अधिक प्रभावी माना जाता है।
4. अगर सर्दी-जुकाम है, तो कलौंजी को पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर पिया जा सकता है।



