
जशपुर : छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के थाना नारायणपुर क्षेत्र अंतर्गत जमीन बिक्री से प्राप्त राशि के बंटवारे को लेकर उपजे पारिवारिक विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया। हिस्से की रकम मांगने पर पिता ने अपने ही बेटे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिससे युवक गंभीर रूप से झुलस गया।
इस सनसनीखेज घटना में मां और भाई के भी साथ देने की बात सामने आई है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर साेमवार काे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़िता कामना भगत (उम्र 25 वर्ष) पति कौशल राम, निवासी नारायणपुर द्वारा 15 फरवरी 2026 को चौकी होलीक्रॉस हॉस्पिटल, अंबिकापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़िता के ससुर शिवशंकर यादव द्वारा करीब दो वर्ष पूर्व जमीन बिक्री की गई थी। जमीन बिक्री से प्राप्त रकम में घायल कौशल यादव (उम्र 30 वर्ष) अपने हिस्से की राशि लगातार मांग रहा था, जिसे लेकर परिवार में विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
घटना 13 फरवरी को उस समय घटित हुई जब इसी विषय पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पिता शिवशंकर यादव, मां चन्द्रमुनी भगत और भाई अंकुश यादव ने एक राय होकर कौशल यादव के साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। इसी दौरान पिता शिवशंकर यादव ने बेटे को जान से मारने की नीयत से उसके ऊपर पेट्रोल छिड़क दिया और माचिस जलाकर फेंक दी, जिससे कौशल यादव आग की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए होलीक्रॉस हॉस्पिटल, अंबिकापुर में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलने पर चौकी होलीक्रॉस हॉस्पिटल में पहले बिना नंबर अपराध दर्ज किया गया, लेकिन मामला थाना नारायणपुर क्षेत्रांतर्गत होने के कारण प्रकरण अग्रिम कार्रवाई और विवेचना हेतु थाना नारायणपुर भेजा गया। इसके बाद थाना नारायणपुर में अपराध क्रमांक 15/2026 के तहत धारा 296, 351(3), 115(2), 109(1), 3(5) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
थाना नारायणपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपितों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान आरोपितों द्वारा अपराध स्वीकार करने तथा पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आज साेमवार को शिवशंकर यादव (उम्र 55 वर्ष), चन्द्रमुनी भगत (उम्र 47 वर्ष) एवं अंकुश यादव (उम्र 27 वर्ष) तीनों निवासी नारायणपुर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक उमेश प्रभाकर, प्रधान आरक्षक पुरनचंद पटेल, महिला आरक्षक अल्पना तिर्की, आरक्षक कुलदीप खलखो एवं अशोक कंसारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस द्वारा मामले की आगे की विवेचना जारी है।



