
राधेश्याम सोनवानी गरियाबंद: लोक निर्माण विभाग में श्रम आयुक्त दर पर कार्यरत दैनिक श्रमिकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राजिम विधायक रोहित साहू को ज्ञापन सौंपा। श्रमिकों ने विधायक श्री साहू से उनके नियमितीकरण, भविष्य निधि कटौती और श्रम सम्मान राशि योजना जैसे महत्वपूर्ण विषयों को विधानसभा पटल पर उठाए जाने का आग्रह किया है।
ज्ञापन में बताया गया है कि विभाग में लगभग 6500 दैनिक श्रमिक विगत 28 से 30 वर्षों से निरंतर सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद वर्ष 1998 के बाद से कार्यरत श्रमिकों के नियमितीकरण एवं स्थायीकरण के लिए अब तक कोई स्पष्ट नियम या नीति निर्धारित नहीं की गई है। श्रमिकों ने प्रश्न उठाया है कि यदि ऐसी कोई नीति नहीं बनी है तो इसके पीछे कारण क्या है, और यदि बनी है तो नियम लागू किए जाने की तिथि बताएं।
श्रमिकों ने कर्मचारी भविष्य निधि से संबंधित मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका आरोप है कि वर्ष 2017 से अब तक विभाग द्वारा भविष्य निधि राशि की नियमित कटौती एवं जमा नहीं की जा रही है, जबकि इस संबंध में शासन स्तर पर आदेश जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने एवं अब तक की गई कार्यवाही का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की है।
इसके अलावा, पूर्व शासन द्वारा लागू की गई श्रम सम्मान राशि योजना के क्रियान्वयन में भी भेदभाव का आरोप लगाया गया है। श्रमिकों का कहना है कि योजना समस्त दैनिक श्रमिकों के लिए लागू किए जाने के आदेश के बावजूद लोक निर्माण विभाग में कार्यरत कई श्रमिकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। ज्ञापन में लाभ से वंचित श्रमिकों की संख्या एवं इसके कारणों को स्पष्ट करने की मांग की गई है।
श्रमिक प्रतिनिधियों ने विधायक से निवेदन किया कि वे इन गंभीर एवं नीतिगत विषयों को विधानसभा पटल पर उठाकर श्रमिकों के हितों एवं भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में पहल करें। उन्होंने आशा जताई कि जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप से वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा।



