
महासमुंद : ग्राम पंचायत बेलसोंडा की पूर्व सरपंच श्रीमती भामिनी पोखन चंद्राकर की जमीन पर पंचायत द्वारा की गई कार्रवाई पर द्वेषपूर्ण एवं बदले की भावना से किए जाने का आरोप लगाया है। पूर्व सरपंच भामिनी पोखन चंद्राकर ने बताया कि नियमानुसार किसी भी जमीन क़ो कब्जामुक्त करने के लिए नियमानुसार उद्देश्यपूर्ण प्रस्ताव करके सीमांकन करके चिन्हित किया जाता है। पश्चात तहसीलदार के आदेशानुसार कब्ज़ाधारी क़ो अतिक्रमण हटाने के कम से कम तीन दिन पूर्व सूचित किया जाता है। तथा स्थल पर कम से कम नायब तहसीलदार स्तर की अधिकारी की उपस्थिति में कब्ज़ा हटाकर स्थल पर ही पंचनामा तैयार किया जाता है। पर पंचायत द्वारा की गई कार्रवाई के लिए तहसीलदार का आदेश था औऱ न ही पंचनामा तैयार किया गया है, जो कार्रवाई क़ो फर्जी सिद्ध करती है।
श्री चंद्राकर ने बताया कि पंचायत सचिव क़ो सूचना के अधिकार के तहत भी पंचनामा मांग की गई पर आज दिनांक तक पंचनामा नही दिया गया है। इसके अतिरिक्त इस कार्रवाई से सम्बंधित कुल 13 प्रकार के दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए चंद्राकर ने कलेक्टर क़ो ज्ञापन सौपा है। जिसकी प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, आयुक्त रायपुर क़ो देते हुए सरपंच सचिव के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की गई है। श्री चंद्राकर ने बताया कि पूर्व सरपंच ने अपने कार्यकाल में दो-तीन रसूकदारों का कब्जा नियमानुसार हटवाया था। वर्तमान सरपंच के विरुद्ध पूर्व सरपंच द्वारा अवैध मुरम खनन, अमृत सरोवर क़ो मुरम खदान बनाने, राइस मिलरों द्वारा अवैध निर्माण तथा भरी गर्मी में भरे तालाब क़ो मुरम बेचने के उद्देश्य से सुखाने सम्बंधित शिकायत की गई थी जिससे व्यथित सरपंच द्वारा कार्रवाई की गई है।



