
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन को करीब 1 महीने का वक्त होने वाला है। बता दें कि 28 जनवरी को मुंबई से बारामती जा रहा अजित पवार का प्लेन बारमती एरपोर्ट पर क्रैश हो गया था। इस हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। हालांकि, इतना समय बीतने के बाद भी अजित पवार की मौत पर विवाद लगातार जारी है। NCP के दोनों गुटों के नेताओं की ओर से इस हादसे की जांच की मांग की जा रही है। वहीं, अब उनकी पार्टी NCP के एक एमएलसी ने तो ये तक सवाल उठा दिया है कि अजित पवार के प्लेन का पायलट कहीं सुसाइड बॉम्बर तो नहीं था।
अजित पवार की पार्टी एनसीपी के एमएलसी अमोल मिटकरी ने अकोला में कहा- “दादा की मृत्यु भी एक माळरान (बंजर जमीन) पर का रहस्य है। गोजूबावी माळरान पर का रहस्य यानी दादा की मृत्यु का रहस्य। मैं आपको बताता हूं कि आज महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज का नाम बताने वाले, बाबासाहेब का नाम बताने वाले, शाहू महाराज का नाम बताने वाले, महापुरुषों का नाम लेने वाले अनेक लोग हैं। अनेक नेता हैं। लेकिन वैसा कृति में (आचरण में) लाने वाले नेता अजित पवार थे।”
एमएलसी अमोल मिटकरी ने कहा- “अजित दादा की इतनी अफघाती (दुर्घटनाग्रस्त) मृत्यु के बाद भी, वह घातपात (साजिश) है या एक्सीडेंट? अगर कोई कह रहा हो न कि एक्सीडेंट है, तो वह सिद्ध करके दिखाए। नहीं तो घातपात कैसे, हमारी जो शंकाएं हैं, बस उतने ही प्रश्नों का उत्तर दें। घातपात है या एक्सीडेंट? यह महाराष्ट्र के सामने आना चाहिए। और इतना होने के बाद भी महाराष्ट्र शांत कैसे है?ठ
एमएलसी अमोल मिटकरी ने कहा- “मैंने हमारे सभी पार्टी के विधायकों से विनती की है कि एक-एक पत्र प्रधानमंत्री को लिखें। हम खुद विमान से जाएंगे। अरे, वो पायलट जो मरा है कपूर, जिसकी ड्रंक (शराब पीने) की हिस्ट्री थी, जो तीन बार सस्पेंड हुआ था बीएसआर कंपनी से और वो पायलट, उसका 50 करोड़ का बीमा (Insuarance) निकाला गया था। वह सुसाइड बॉम्बर बनकर आया था। राजीव गांधी के समय लिट्टे की सुसाइड बॉम्बर नहीं आई थी क्या? वे एक सभा में जा रहे थे। उन्हें पास के लोगों ने बताया कि ‘राजीव जी मत जाइए, अब बहुत समय हो गया है’। वे बोले ‘नहीं, लोग इंतज़ार कर रहे होंगे, हमें जाना चाहिए’। एक महिला आती है, उन्हें हार पहनाती है, पैर छूती है, वहां बम विस्फोट होता है और धड़ाधड़-धड़ाधड़ शरीर के चिथड़े हो जाते हैं। वैसा ही सुसाइड बॉम्बर होगा।”
एमएलसी अमोल मिटकरी ने कहा- “कहां है कपूर? उसकी बीवी पहुंच गई तीसरे दिन कि मेरा पति जीवित है। तो हमारा प्रश्न यह है कि डीजीसीए (DGCA) कह रहा है छह लोग गए, तो एक आदमी गया कहां फिर? और ये दो लोग, साहिल मदन और यश, जो पायलट अंतिम समय पर बदले गए, ये दो अब कहां हैं? यह पूछने का साहस तो महाराष्ट्र में होना चाहिए। हमारा तो वह कर्तव्य है, जिम्मेदारी है। क्योंकि नुकसान यह सिर्फ एक पवार परिवार का नहीं हुआ है। इस अखंड महाराष्ट्र का नुकसान हुआ है। 18 पगड जातियों का नेतृत्व ऐसे पद्धति से हमारे आंखों के सामने से छीन लिया गया होगा और हम अगर जागृत नहीं हो रहे हैं, तो हमारी अगली पीढ़ी हमसे पूछेगी।”



