Home छत्तीसगढ़ महिला दिवस पर मन व्यथित है :डॉ प्रभा राज

महिला दिवस पर मन व्यथित है :डॉ प्रभा राज

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मनेन्द्रगढ़ :  शासकीय विवेकानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय मनेंद्रगढ़ जिला एमसीबी की विभागाध्यक्ष रसायन शास्त्र विभाग डा.प्रभा राज ने एक बयान जारी करते हुये कहा कि
हम वही महिला हैं जो आने वाले भविष्य के लिए शासक बनकर राष्ट्र निर्माण करेंगे.आज की महिला देश समाज और परिवार की ताकत बन चुकी है. इस देश की महिला में जिस दिन से कर्तव्य निष्ठा, दया,ममता, मदद, शुभ संस्कार, मानवता,इंसानियत जाग उठेगी उसी दिन से संपूर्ण विकसित समाज परिवार गांव शहर और हमारा विकसित भारत होगा. महिला मानवता का शंखनाद है,वीरता की वसुंधरा है, महिला आकाश सी बलवान है नमन है ऐसी महिलाओं को.
डा. राज ने कहा कि क्या आप ने कभी गौर किया है हमारे देश के सिस्टम पर कितनी धुल चढ़ी हुई है हम खुश हैं और सुरक्षित है तो वूमेन डे से खुश हो रहे हैं लेकिन हमारे साथी महिलाएं लड़कियां आज भी मुसीबत में है प्रताड़ित हैं असुरक्षित है ।
एक महिला ही दहेज प्रथा को बढ़ावा देती है जब महिला और पुरुष दोनों दहेज लेने से अस्वीकार कर दे तो देश की कोई बेटी प्रताड़ित नहीं होगी. दहेज प्रथा ने कितनी बेटियों की जान ले ली है.मन बहुत व्यथित है कैसे कह दूं हैप्पी वूमन्स डे .,बेटा और बेटी को समान दर्जा देवे जिससे भेदभाव की स्थिति उत्पन्न न हो.
एक महिला बेटा को भी अच्छे संस्कार दे ताकि किसी की बेटी के साथ कभी गलत व्यवहार न करे.
एक महिला दूसरी महिला को बिना वजह परेशान या अपमानित न करें उसके सम्मान की रक्षा करें उसको आगे बढ़ने हेतु प्रेरित करें। संसाधनों की उपलब्धता कराए जिससे कि कोई पुरुष उसका गलत फायदा ना उठाए
दूसरी महिलाओं के भड़काने पर खुद को आंकलित करे और दूसरों का भी और निर्णय अपने बुद्धि विवेक से करे ताकि किसीभी महिला और पुरुष के साथ अत्याचार न हो
प्रताड़ित न हो क्योंकि महिलाएं को सोचना होगा तभी वूमेंस डे सफल होता नजर आएगा बेशक गलत को ठीक करना है लेकिन किसी के भड़कावे में नहीं खुद को आंकलन करना होगा.
किसी से बुराई को सुनना बंद कर दीजिए, और न ही किसी की बुराई करे
चाटुकारिता और चापलूसी को बंद कर दीजिए, तभी सिस्टम साफ़ सुथरा होगा।ईश्वर ने इंसान की रचना की है हरेक इंसान को इंसानियत से जोड़िए न की वर्णव्यवस्था से अपने फ्रस्टेशन को त्यागना होगा मानवता और संस्कारी दिवस मनाना होगा । महिला और युथ आज भारत की ताकत बन चुका हैं तभी हम एक विकसित राष्ट्र की कल्पना कर सकते है
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साइंस क्षेत्र में महिलाओं को रिसर्च इनोवेशन और इक्वालिटी से जोड़कर “साइंस इन वूमेन कैटलाइजिंग विकसित भारत” 2026 साइंस डे पर थीम को लॉन्च किया है माननीय जानते हैं कि विकसित भारत और एक सुदृढ़ देश समाज परिवार की कल्पना मैं महिलाओं को आगे बढ़ाना होगा महिला एक उत्प्रेरक है जलवायु परिवर्तन वॉटर क्राइसिस एनर्जी क्राइसिस मैं भी महिलाओं को सभी क्षेत्र में बढ़ावा दिया जा रहा है माननीय विवेकानंद जी कहते है कि दुनिया के कल्याण के लिए कोई अवसर नहीं जबतक कि महिला की स्थिति में सुधार न हो पक्षी के लिए एक पंख पर उड़ना संभव नहीं है सशक्तिकरण की राह में दृढ़ निश्चय मजबूत होना जरूरी है तभी हम एक विकसित भारत की कल्पना कर सकते हैं लेकिन सबसे पहले महिलाओं को घर , परिवार,समाज को मजबूत करना होगा एकता लानी होगी गर्भ में पल रही किसी भी बेटी की हत्या नहीं होनी चाहिए कोई भी बेटी दहेज और बलात्कार से विचलित नहीं होना चाहिए नारी शक्ति नवाचार की प्रेरणा है प्रगति की दिशा हैं वो क्रांति लानी होगी राष्ट्र निर्माण हेतु वैज्ञानिक ऊर्जा का संचरण करना होगा जय हिंद.

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