
अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देश में LPG की सप्लाई मजबूत करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. यह फैसला मौजूदा वैश्विक तनाव के कारण ईंधन की उपलब्धता पर पड़ रहे असर को देखते हुए लिया गया है. मंत्रालय ने बयान में कहा, “मौजूदा स्थिति के कारण ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हो रही है और एलपीजी की सप्लाई पर भी दबाव है.” इसे देखते हुए मंत्रालय ने तेल रिफाइनरियों को एलपीजी का उत्पादन बढ़ाने और इस अतिरिक्त उत्पादन को घरेलू एलपीजी के लिए इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं.मंत्रालय ने घरेलू रसोई गैस (LPG) की सप्लाई को प्राथमिकता दी है. इसके लिए 25 दिन का इंटर-बुकिंग नियम लागू किया गया है, ताकि गैस की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोका जा सके. वहीं आयातित एलपीजी को अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे जरूरी गैर-घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है.
होटल और रेस्ट्रों के लिए समिति बनाई:- भारत ने 2024-25 में 31.3 मिलियन टन एलपीजी की खपत की, जिसमें से केवल 12.8 मिलियन टन का उत्पादन घरेलू स्तर पर हुआ, शेष आयात किया गया. आयात पर खतरा बढ़ता जा रहा है क्योंकि इसका 85-90 प्रतिशत हिस्सा सऊदी अरब जैसे देशों से आता है, जो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भर हैं. अमेरिकी और इजरायली हमलों के बाद ईरान द्वारा पड़ोसी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई करने के कारण क्षेत्र में एक सप्ताह से जारी तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद हो गया है. भारत के पास तेल शोधन की अतिरिक्त क्षमता है, लेकिन एलपीजी उत्पादन में कमी है. रेस्ट्रों, होटल और औद्योगिक उपयोग जैसे अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए मंत्रालय ने एक समीक्षा समिति बनाई है. बयान में कहा गया है कि तेल कंपनियों (OMCs) के तीन कार्यकारी निदेशकों (EDs) की एक समिति बनाई गई है, जो रेस्ट्रों, होटल और अन्य उद्योगों की एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी मांगों की समीक्षा करेगी.
क्यों उठाना पड़ा कदम:- यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब तेल बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. इसकी वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का अचानक बंद होना है, जिससे सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ा है. कई देश अपनी ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित रखने पर ध्यान दे रहे हैं. इसी वजह से ईराक, कुबैत और कतर ने अस्थायी रूप से एनर्जी सप्लाई के कुछ हिस्सों को बंद कर दिया है. मंत्रालय का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में घरों और जरूरी सेवाओं को एलपीजी की सप्लाई बिना रुकावट मिलती रहे.



