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उम्र बनी केवल संख्या, हौसला बनी पहचान मनेन्द्रगढ़ की 72 वर्षीय शकुंतला सिंह ने एथलेटिक्स में लहराया परचम

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एमसीबी/मनेन्द्रगढ़ : जब हौसले बुलंद हों तो उम्र भी कदम रोक नहीं पाती। मनेन्द्रगढ़ की 72 वर्षीय वरिष्ठ एथलीट शकुंतला सिंह ने यह साबित कर दिखाया है कि खेल के मैदान में जुनून और अनुशासन ही असली ताकत होते हैं। अपने अथक अभ्यास और दृढ़ संकल्प के दम पर उन्होंने एथलेटिक्स की कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।

शकुंतला सिंह का खेलों से नाता बचपन से ही रहा है। नौकरी के दौरान भी वे खेल गतिविधियों में सक्रिय रहीं और कई प्रतियोगिताओं में पुरस्कार हासिल किये। सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्होंने खेल से दूरी नहीं बनाई। नियमित अभ्यास और आत्मविश्वास के बल पर वे आज भी युवा खिलाड़ियों की तरह मैदान में उतरकर शानदार प्रदर्शन कर रही हैं।
हाल ही में 7 दिसंबर 2025 को हैदराबाद के उस्मानिया यूनिवर्सिटी, तरनाका में आयोजित 7वीं सीनियर सिटीजन ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने जैवलिन थ्रो स्पर्धा में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके बाद 13 से 15 फरवरी 2026 तक मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज गोकुलपुर में आयोजित 45वीं नेशनल मास्टर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए डिस्क थ्रो और हैमर थ्रो में प्रथम स्थान तथा जैवलिन थ्रो में द्वितीय स्थान हासिल किया। इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ सहित देश-विदेश के अनेक वरिष्ठ खिलाड़ी शामिल हुए थे जिससे उनकी उपलब्धि और भी महत्वपूर्ण बन जाती है।

शकुंतला सिंह का कहना है कि खेल उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा है और वे इसे आगे भी जारी रखेंगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वरिष्ठ खिलाड़ियों के लिये शासन-प्रशासन की ओर से पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। यदि उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिये सहयोग मिले तो वे देश और प्रदेश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा सकते हैं। शकुंतला सिंह की यह उपलब्धि पूरे एमसीबी जिले के लिए गर्व का विषय है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि सपनों की उड़ान भरने के लिये उम्र नहीं, केवल मजबूत इरादों की जरूरत होती है।

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