
नई दिल्ली :पश्चिम एशिया में लड़ाई शुरू होने से पूर्व वर्ष के पहले दो महीनों में चीन ने बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से बचने की अपनी रणनीति के तहत तेल की खरीदारी बढ़ा दी थी।
बीजिंग की ओर से मंगलवार को जारी सीमा शुल्क के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया के सबसे बड़े तेल खरीदार चीन ने पिछले वर्ष के इसी समय की तुलना में इस वर्ष जनवरी-फरवरी में 15.8 प्रतिशत अधिक तेल आयात किया।
एक साल के जमा कर रहा तेल का स्टॉकबीजिंग पिछले एक वर्ष से अपना रणनीतिक स्टॉक जमा कर रहा है, जबकि घरेलू स्तर पर वहां तेल की खपत लगातार गिर रही है। अब वह सारा तेल काम आने की उम्मीद है।
अमेरिका ने चीन के लिए तेल के दो सबसे सस्ते स्रोतों वेनेजुएला और ईरान को निशाना बनाया है। दोनों ही जगह नेतृत्व परिवर्तन से उन समझौतों पर सवाल खड़े हो गए हैं जो चीन ने इन दोनों देशों के साथ किए थे।
तेल खरीद में की काफी बढ़ोतरीचीन ने इस वर्ष रूसी तेल की अपनी खरीद में भी काफी बढ़ोतरी की है, क्योंकि भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर बातचीत के बीच अपनी खरीद कम कर ली थी।



