Home आस्था पूजा के समय इस तरह से जलाएं दीपक, न करें ये गलतियां….

पूजा के समय इस तरह से जलाएं दीपक, न करें ये गलतियां….

0

हर घर में रोजाना पूजा-पाठ किया जाता है. पूजा-पाठ से देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और उनके आशीर्वाद से घर में सकारात्मकता और खुशहाली बनी रहती है. पूजा के समय भगवान के सामने दीपक जलाने की परंपरा है. बिना इसके पूजा पूरी नहीं मानी जाती है, लेकिन दीपक जलाना एक परंपरा भर नहीं है, बल्कि इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है. दीपक की लौ ज्ञान और समृद्धि के प्रतीक के रूप देखी जाती है.पूजा के समय भगवान के आगे दीपक तो सभी प्रज्वलित करते हैं, लेकिन कई बार लोग दीपक जलाते समय कुछ चीजों को अनदेखा कर देते हैं. उनको दीपक जलाने के सही नियम की जानकारी नहीं होती. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किन नियमों का ध्यान रखते हुए दीपक जलाना चाहिए और इस दौरान कौन सी गलतियों से बचना चाहिए?

दीपक जलाने के नियम:- गाय के घी का दीपक जलाते समय इसे भगवान के बाईं ओर रखना शुभ माना गया है. दीपक के लिए सफेद रुई की बाती का उपयोग करना चाहिए. सरसों या तिल के तेल का दीपक जालाएं तो इसे भगवान के बाईं और रखना चाहिए. कलावा से बनी बत्ती का उपयोग भी दीपक के लिए किया जा सकता है. दीपक की लौ की दिशा का भी ध्यान रखना चाहिए. वास्तु के अनुसार, दीपक जलाने के लिए उत्तर दिशा या ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा सबसे उत्तम होती है. दीपक की बाती का मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहना चाहिए. दीपक की बाती को दक्षिण या फिर पश्चिम दिशा में कभी नहीं रखना चाहिए. दीपक जलाने से पहले हमेशा अपने हाथों को अच्छे से धो लेना चाहिए.

न करें ये गलतियां

  • पूजा के दौरान दीपक को भगवान की प्रतिमा के बिल्कुल सामने नहीं रखें.
  • ध्यान रखें कि दीपक में गंदगी न हो.
  • दीपक में पर्याप्त घी या तेल का उपयोग करें, ताकि दीपक बुझे नहीं.
  • पूजा में कभी भी खंडित दीपक का इस्तेमाल नहीं करें.
  • गंदे या जले हुए दीपक का भी उपयोग न करें.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here