राजनांदगांव : छतीसगढ़ के राजनांदगांव में अवैध मिशनरी आश्रम चलाने के मामले में आरोपित डेविड चाको को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। लगभग ढाई महीने की जांच के बाद पुलिस ने शनिवार को यह कार्रवाई की है।
छह जनवरी को चाको के मिशनरी हेडक्वार्टर का राजफाश हुआ, जहां नाबालिग बच्चों को अवैध रूप से रखने की पुष्टि हुई। चाको के खिलाफ आठ जनवरी को हिंदू जागरण मंच के सुशील लड्ढा की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की गई थी।
पुलिस जांच में चाको की भूमिका मतांतरण के मिशनरी कमांडर के रूप में सामने आई, जो इंडिया पेंटाकोस्टल चर्च (आइपीसी) से जुड़ा है। वह वर्ष 1996 में छत्तीसगढ़ आया और 2006 में पास्टर बना।
चाको ने सरगुजा और बस्तर में अपना नेटवर्क फैलाया और राजनांदगांव को अपना ठिकाना बनाया। आइपीएस वैशाली जैन की अगुवाई में विशेष टीम ने जांच की, जिसमें संदिग्ध सामग्री बरामद की गई।
चाको के पास से कोड नेम पाल और ट्रेवल वाउचर्स भी मिले, जो मिशनरी गतिविधियों में सहायक थे। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि चाको से विदेशी धन के स्त्रोत और उसके स्थानांतरण की जांच जारी है। चर्च के संचालन और वित्तीय प्रबंधन की भी पड़ताल की जा रही है।



