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कोरोना ने दी दस्तक: ‘सिकाडा’ वेरिएंट के बढ़ते मामलों से हड़कंप

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नई दिल्ली :  कोरोना वायरस एक बार फिर से चर्चा में है। हाल ही में, कोविड-19 का एक नया वेरिएंट सामने आया है, जिसका नाम BA.3.2 है। आम बोलचाल में वैज्ञानिक इसे ‘सिकाडा’ (Cicada) कह रहे हैं। आइए जानते हैं इस नए वेरिएंट के बारे में विस्तार से-

क्यों मिला इसे ‘सिकाडा’ नाम?यह नया वेरिएंट ओमिक्रॉन के एक बहुत पुराने परिवार (BA.3) का हिस्सा है, जो 2022 की शुरुआत में लगभग खत्म हो गया था। हालांकि, अब लंबे समय बाद यह वेरिएंट अचानक से फिर वापस आ गया है। इसी वजह से इसे सिकाडा नाम दिया गया है, जो एक कीड़ा होता है, जो सालों तक जमीन के नीचे छिपा रहता है और फिर अचानक भी बाहर आता है।

कहां से आया नया वेरिएंट?इस नए वेरिएंट ने की पहली दस्तक साल 2024 के अंत में दक्षिण अफ्रीका में दी थी, लेकिन अब यह वायरस अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में तेजी से फैल रहा है।

क्यों चिंताजनक है सिकाडा?वैज्ञानिक इस वायरस को लेकर इसलिए अलर्ट हैं क्योंकि इसने खुद में बहुत ज्यादा बदलाव किए हैं। अगर इसके बाहरी हिस्से यानी स्पाइक प्रोटीन की बात करें, तो इसमें अपने पुराने रूप की तुलना में 50 से ज्यादा और ओरिजिनल ‘वुहान वायरस’ की तुलना में 70 से ज्यादा बदलाव देखे गए हैं। ऐसे में यह तीन वजहों से चिंता का विषय बना हुआ है-

  • इम्युनिटी को चकमा देना: यह हमारी शरीर के इम्यून सिस्टम (Immunity) या वैक्सीन के असर को आसानी से चकमा देकर बच सकता है।
  • तेजी से फैलना: यह पुराने वेरिएंट्स के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से फैल सकता है।
  • नया व्यवहार: वायरस के काम करने के तरीके में कुछ नए जैविक बदलाव आ सकते हैं।

क्या हमें इससे डरने की जरूरत है?फिलहाल के लिए, घबराने की कोई बात नहीं है। शुरुआती रिसर्च से यह पता चला है कि भले ही यह तेजी से फैले, लेकिन फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है कि यह पुराने ओमिक्रॉन वेरिएंट्स से ज्यादा खतरनाक या जानलेवा है।

इसमें हुए बदलावों को देखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने दिसंबर 2025 में इसे “निगरानी के तहत वेरिएंट” (Variant Under Monitoring – VUM) घोषित कर दिया था।

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