क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि खाना खाने के तुरंत बाद कुछ मीठा खाने का मन करता है या दोपहर के समय चॉकलेट या बिस्किट खाने की इच्छा जाग जाती है? मीठा खाने की ऐसी क्रेविंग कई लोगों के साथ होती है, लेकिन ऐसा रोज-रोज होना नॉर्मल है?
दरअसल, कई बार शुगर क्रेविंग शरीर में छिपी किसी समस्या के कारण भी होती है। इसलिए अगर आपको बार-बार कुछ मीठा खाने की तलब होती है, तो आइए जानें किन समस्याओं के कारण शुगर क्रेविंग हो सकती है।
पोषक तत्वों की कमी
अगर आपके खाने में प्रोटीन, फैट और फाइबर की सही मात्रा नहीं है, तो आपका ब्लड शुगर लेवल तेजी से ऊपर जाकर अचानक गिर जाता है। जब ब्लड शुगर कम होता है, तो दिमाग एनर्जी की कमी को पूरा करने के लिए शुगर की मांग करता है।
नींद की कमी और थकान
जब आप पूरी नींद नहीं लेते, तो शरीर में भूख बढ़ाने वाला हार्मोन घ्रेलिन बढ़ जाता है और भूख शांत करने वाला हार्मोन लेप्टिन कम हो जाता है। थकान की स्थिति में दिमाग को क्विक फिक्स एनर्जी चाहिए होती है और चीनी एनर्जी का सबसे आसान सोर्स है।
तनाव के दौरान शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन बढ़ जाता है। चीनी खाने से दिमाग में डोपामाइन और सेरोटोनिन जैसे फील-गुड न्यूरोट्रांसमीटर रिलीज होते हैं, जो हमें खुशी और शांति का अनुभव कराते हैं। इसी कारण कई लोग इमोशनल ईटिंग का शिकार हो जाते हैं।
हमारी आंतों में लाखों बैक्टीरिया होते हैं। अगर खराब बैक्टीरिया या यीस्ट की संख्या बढ़ जाए, तो भी बार-बार मीठा खाने की इच्छा बढ़ने लगती है।
चीनी की लत
चीनी एक तरह के नशे की तरह काम करती है। आप जितना ज्यादा मीठा खाते हैं, आपका दिमाग उतना ही ज्यादा इसका आदी होता जाता है। यह एक बुरा साइकिल बन जाता है, जिसमें आप मीठा खाते हैं, फिर डोपामाइन रिलीज होता है, फिर शुगर क्रैश और फिर से मीठे की क्रेविंग होती है।
- भरपूर पानी पिएं- कभी-कभी प्यास को ही हमारा दिमाग भूख या क्रेविंग समझ लेता है।
- प्रोटीन बढ़ाएं- हर मील में दालें, पनीर, अंडे या नट्स शामिल करें।
- प्राकृतिक मिठास- रिफाइंड चीनी के बजाय फल या खजूर खाएं।
- नींद पूरी करें- रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद हार्मोन्स बैलेंस रखती है।
- मैग्नीशियम से भरपूर खाना- कद्दू के बीज, पालक और डार्क चॉकलेट खाएं।



