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एनएमडीसी ने बिना सूचना तोड़े निजी जमीन के 5 तालाब, 10 टन मछलियां बही, भू-स्वामी मुआवजे के लिए भटक रहा

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एस एच अज़हर अमन पथ दंतेवाड़ा: एनएमडीसी द्वारा स्लरी पाइपलाइन बिछाने के लिए बिना पूर्व सूचना के निजी जमीन पर बने 5 तालाब तोड़ने का मामला सामने आया है। भू-स्वामी को न मुआवजा मिला, न ही प्रशासन से न्याय। परेशान होकर पीड़ित ने श्रमजीवी पत्रकार संघ से मदद की गुहार लगाई है।

भू-स्वामी मोहम्मद मुस्तकीम, निवासी किरंदुल, के अनुसार ग्राम कुम्हाररास, जिला दंतेवाड़ा स्थित खसरा क्रमांक 401 की 1.19 हेक्टेयर जमीन पर उनके 7 तालाब हैं। इनमें शासकीय अनुदान से मछली पालन व मछली बीज का व्यवसाय किया जाता है।

बिना मुआवजा तोड़े तालाब, 10 टन मछली बर्बाद
पीड़ित का आरोप है कि 15 अप्रैल 2026 को एनएमडीसी स्लरी पाइपलाइन के अधिकारी अनिमेश झा और टीम ने बिना किसी नोटिस के L&T कंपनी के ठेकेदार से पोकलेन मशीन चलवाकर 5 तालाब तोड़ दिए। इससे तालाबों में मौजूद करीब 10 टन मछली पानी के साथ बह गई या मर गई। तालाब पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं।

मुस्तकीम का कहना है कि मछली पालन उनके परिवार की मुख्य आजीविका है। तालाब टूटने से आजीविका पूरी तरह ठप हो गई है और अगले 3 साल तक मछली पालन संभव नहीं है।

कोर्ट के आदेश की भी अनदेखी
इस प्रकरण में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने 25 फरवरी 2026 को आदेश दिया था कि 60 दिन के भीतर जमीन का मुआवजा और नुकसान का आकलन कर अंतिम निर्णय लिया जाए। पीड़ित के अनुसार सक्षम अधिकारियों से बातचीत चल रही थी, लेकिन मुआवजा तय किए बिना ही तालाब तोड़ दिए गए।

पीड़ित ने थाना दंतेवाड़ा में FIR के लिए स्पीड पोस्ट से आवेदन दिया है। कलेक्टर और SDM को भी मामले से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक किसी अधिकारी या ठेकेदार पर कार्रवाई नहीं हुई।

पीड़ित ने गैर-जिम्मेदार अधिकारियों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज करने और न्यायपूर्ण मुआवजा दिलाने की मांग की है।

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