सुरेश मिनोचा एमसीबी: विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत नर्सिंग कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने शहर में जनजागरूकता रैली निकालकर मलेरिया उन्मूलन का संदेश दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय सिविल अस्पताल परिसर मनेंद्रगढ़ से हुई, जहां हॉस्पिटल अधीक्षक डॉ. स्वप्निल तिवारी एवं खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. एस. सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। रैली में शामिल छात्र-छात्राएं हाथों में जागरूकता संदेश लिखी तख्तियां लिए हुए थे और “जन-जन ने ये ठाना है, मलेरिया को जड़ से मिटाना है” जैसे नारों के साथ शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए आम नागरिकों को जागरूक करते रहे।
रैली के दौरान विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया गया, जिसमें मलेरिया के कारण, लक्षण, रोकथाम और उपचार के विषय में सरल भाषा में जानकारी दी गई। छात्र-छात्राओं ने अपने अभिनय के माध्यम से यह संदेश दिया कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, नियमित रूप से सफाई रखें, मच्छरदानी का उपयोग करें तथा बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अविनाश खरे ने बताया कि मलेरिया एक गंभीर लेकिन पूर्णतः रोके जाने योग्य बीमारी है, यदि समय पर सावधानी बरती जाए एवं मलेरिया नियंत्रण हेतु निरंतर सर्वे, जांच एवं दवा वितरण जैसी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार के बुखार को नजर अंदाज न करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच अवश्य कराएं।
जिला मलेरिया अधिकारी डा. नम्रता चक्रवर्ती ने भी लोगों को जागरूक करते हुए कहा कि सामुदायिक भागीदारी के बिना मलेरिया उन्मूलन संभव नहीं है। कार्यवाहक जिला मलेरिया सलाहकार राय सिंह श्याम ने बताया कि मलेरिया के रोकथाम के लिए नियमित फॉगिंग, लार्वा नियंत्रण एवं जागरूकता कार्यक्रम लगातार चलाए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में जिला क्षय अधिकारी डॉ वासिक असदक, डॉ अतीक सोनी (आरबीएसके नोडल अधिकारी), मो. सुलेमान खान (विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक) , जिला मलेरिया सलाहकार राय सिंह, BETO प्रमेन्द्र कुमार सिंह, मलेरिया सुपरवाइजर (खड़गवा) कृपाशंकर यादव, सचिन पाण्डेय, श्रीमती विनीता रजवाड़े, ज्योति गुप्ता एवं युवा अंजुम सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान वर्ष 2026 के विश्व मलेरिया दिवस की थीम“Driven to End Malaria: Now we can, Now we must”(मलेरिया को समाप्त करने के लिए प्रेरित: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा) पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि यह समय सामूहिक प्रयासों को तेज करने का है, ताकि मलेरिया मुक्त समाज का लक्ष्य शीघ्र प्राप्त किया जा सके।
कार्यक्रम के समापन पर नागरिकों से अपील की गई कि वे स्वच्छता बनाए रखें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं तथा स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित कार्यक्रमों में सक्रिय सहयोग प्रदान करें, ताकि मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक हासिल किया जा सके।



