“संवाद से संपूर्ण समाधान” बना जनआस्था का केंद्र: बड़वाही शिविर में उमड़ा जनसैलाब, 422 आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
सुरेश मिनोचा एमसीबी : छत्तीसगढ़ शासन की जनकेंद्रित पहल “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत विकासखंड भरतपुर के ग्राम बड़वाही में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर “संवाद से संपूर्ण समाधान” ने सुशासन की एक सशक्त और जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की। 19 ग्राम पंचायत देवगढ़, मेंहदौली, बेला, उदकी, माड़ीसरई, हरचौका, चिड़ौला, कर्री, जनुवां, बेलगांव, चरखर, पुंजी, सिंगरौली, डोम्हरा, लरकोड़ा, डोंगरीटोला, नौढ़िया एवं हरई ग्राम को समाहित करते हुए आयोजित इस विशाल शिविर में जनसैलाब उमड़ पड़ा। ग्रामीणों को मौके पर ही राहत और समाधान मिलने से यह आयोजन जनविश्वास का केंद्र बन गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद पंचायत अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह, जनपद उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। शुभारंभ के साथ ही पूरे परिसर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल देखने को मिला। दूर-दराज के गांवों से लोग सुबह से ही अपनी समस्याएं लेकर शिविर स्थल पर पहुंचने लगे थे, जो इस पहल के प्रति जनआस्था को दर्शाता है।
01 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण और शासन की योजनाओं का सीधा लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाना है। बड़वाही शिविर इस उद्देश्य की सजीव मिसाल बनकर उभरा, जहां “समाधान आपके द्वार” की अवधारणा पूरी तरह साकार होती नजर आई।
शिविर में अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ एसडीएम भरतपुर शशिशेखर मिश्रा, जनपद पंचायत सीईओ अजय सिंह राठौर, एसडीओ लक्ष्मीनारायण, जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मीरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि प्रशासन आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है।
शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा सुव्यवस्थित स्टॉल लगाए गए, जहां लगभग 422 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों को तत्काल राहत मिली। राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पंजीयन जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं मौके पर ही उपलब्ध कराई गईं। शेष आवेदनों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण के लिए संबंधित विभागों को सौंपा गया। सभी आवेदकों को विधिवत पावती प्रदान कर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।
इस शिविर में श्रम, खाद्य, प्रधानमंत्री आवास, बिहान, मनरेगा, ग्रामीण यांत्रिकी, समाज कल्याण, आधार सेवा, बैंकिंग, कृषि, उद्यानिकी, खनिज, वन, शिक्षा, पुलिस, बिजली, लोक निर्माण, क्रेडा, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पीएमजीएसवाई, जल संसाधन, मत्स्य, आदिवासी विकास, महिला एवं बाल विकास, पशु चिकित्सा, स्वास्थ्य, आयुष, आयुष्मान कार्ड एवं राजस्व विभाग सहित अनेक विभागों की सक्रिय भागीदारी रही। अपर कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधियों ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनप्रतिनिधियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे आमजन के लिए वरदान बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंती सिंह ने कहा कि यह अभियान ग्रामीणों के जीवन में वास्तविक बदलाव ला रहा है, वहीं जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह ने इसे जनता और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु बताया। जनपद उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य ने इसे शासन की संवेदनशीलता का प्रमाण बताया, जबकि जिला पंचायत सदस्य सुखमंती सिंह ने इसे विशेष रूप से महिलाओं के लिए लाभकारी बताया। जिला अध्यक्ष चंपा देवी पावले ने कहा कि ऐसे आयोजन लोकतंत्र को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोंगरे ने अपने संबोधन में कहा कि “संवाद से संपूर्ण समाधान” केवल नारा नहीं, बल्कि शासन की प्रतिबद्धता है। प्रशासन गांव-गांव जाकर समस्याओं का जमीनी स्तर पर समाधान सुनिश्चित कर रहा है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती मिल रही है।



