Home छत्तीसगढ़ जब जनसेवा बन जाए संकल्प… तब सूखे तालाब भी भर उठते हैं

जब जनसेवा बन जाए संकल्प… तब सूखे तालाब भी भर उठते हैं

0

संवाददाता अमनपथ राजूनाथ जोगी नगरी : नगरी की तपती गर्मी, सूखते तालाब और गिरता भूजल स्तर… ये केवल समस्या नहीं थे, बल्कि आम जनता की पीड़ा थी
हर घर, हर परिवार की यही चिंता थी कि निस्तार के लिए पानी कहाँ से आएगा.सुख-दुख के समय नहावन जैसे जरूरी कार्य कैसे होंगे.ऐसे समय में नगरी नगर पंचायत ने केवल वादे नहीं किए, बल्कि संकल्प लिया — “जनता को पानी की कमी नहीं होने देंगे।”वर्षों से बंद पड़ी इरिगेशन नाली… जो सिर्फ एक अधूरा काम बनकर रह गई थी,
उसे नगर पंचायत के अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा, उपाध्यक्ष विकास बोहरा एवं समस्त पार्षदों के मजबूत नेतृत्व और अथक प्रयासों से फिर से जीवंत किया गया।
इरिगेशन विभाग से लगातार संवाद और प्रयासों के बाद सोंढूर से पानी छोड़ने की स्वीकृति मिली,और आज वही पानी नगरी के वार्ड क्रमांक 13 स्थित गुढ़ियारी तालाब में पहुँचकर जनता की उम्मीदों को फिर से जीवित कर रहा है। इस तालाब के लबालब भर जाने के बाद वार्ड क्रमांक 14 पुरानी बस्ती दरियारा तालाब को भी इस नाहर नाली से निस्तरी हेतु भरा जाएगाएक हफ्ते तक कड़ी मेहनत, नालियों की सफाई और टीमवर्क का परिणाम है कि आज तालाब का जलस्तर बढ़ रहा है और लोगों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दे रही है।

अध्यक्ष बलजीत छाबड़ा का स्पष्ट संकल्प:
“जनता की सुविधा हमारी पहली प्राथमिकता है। हर साल इरिगेशन के माध्यम से तालाबों को भरा जाएगा और नगरी में पानी की कमी नहीं होने दी जाएगी।” हमारा उद्देश्य जन सेवा में समर्पित हर वक्त जनता के साथ खड़े रहना इस जनहितकारी कार्य में उपाध्यक्ष विकास बोहरा, पार्षदगण अश्वनी निषाद, शंकर देव, यश करण पटेल, स्वच्छता निरीक्षक पुष्कर पाटील एवं पूरी नगर पंचायत टीम का सराहनीय योगदान रहा।

यह सिर्फ पानी नहीं… यह विश्वास की धारा है
जो बताती है कि जब नेतृत्व मजबूत हो और नीयत साफ हो, तो हर समस्या का समाधान संभव है।आने वाले समय में अन्य तालाबों को भी भरने की योजना है, ताकि नगरी का हर कोना जल संकट से मुक्त हो सके।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here