जांजगीर : बलौदा पीएमश्री स्कूल की हेड मास्टर पर बच्चों को हिन्दू संस्कृति के खिलाफ भड़काने और धर्मांतरण के प्रयास जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। हेड मास्टर द्वारा ईसाई धर्म का प्रचार प्रसार और बच्चों में धर्मांतरण का बीज बोने की शिकायत मिलने के बाद पालकों व ग्राीमणों ने बीईओ व डीईओ से शिकायत दर्ज कराई थी। जिला शिक्षा अधिकारी स्तर पर किसी तरह की कोई कार्रवाई ना होने पर बीते दिनों जनसमस्या निवारण शिविर में पहुंचे कलेक्टर के सामने पालकों व ग्रामीणों ने हेड मास्टर की शिकायत की, ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि बीईओ व डीईओ स्तर पर लगातार कार्रवाई के बाद भी ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने डीईओ को फटकार लगाई व हेड मास्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आदेश दिया। कलेक्टर की नाराजगी के बाद डीईओ हरकत में आए और धर्मांतरण की कोशिश करने वाली हेड मास्टर के खिलाफ निलंबन आदेश जारी कर दिया है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से इस तरह की शिकायत
ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया, बच्चों को राष्ट्रगान “जन गण मन” के बजाय “गॉड इज ग्रेट” जैसे धार्मिक वाक्य सिखाए जा रहे थे। ज अभिभावकों ने सवाल उठाया कि सरकारी स्कूल में आखिर बच्चों को किस दिशा में ले जाया जा रहा है।
पुलिस ने किया एफआईआर
स्थिति को संवेदनशील मानते हुए थाना बलौदा में भी कार्रवाई दर्ज की गई। लोक शांति भंग होने की आशंका पर बीएनएसएस की धारा 126 और 135(3) के तहत प्रकरण कायम किया गया है।
फ़र्ज़ीवाडा का भी आरोप
मामला केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है। जांच में स्कूल की अनुदान राशि में गड़बड़ी के आरोप भी सामने आए हैं। आरोप है, प्रधान पाठिका ने स्कूल प्रबंधन समिति की राशि का खर्च खुद किया और बाद में समिति से अनुमोदन लेने की कोशिश की। इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक समग्र शिक्षा और अन्य मदों से मिली अनुदान राशि में फर्जी बिल-वाउचर लगाने, रिश्तेदारों के नाम पर पीपीओ जारी कर राशि आहरित करने जैसी अनियमितताएं भी सामने आई हैं। इन शिकायतों को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन विभाग के मुताबिक संबंधित प्रधान पाठक का जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।
डीईओ ने जारी किया निलंबन आदेश
जिला शिक्षा अधिकारी ने आदेश में साफ कहा है कि प्रथम दृष्टया यह मामला गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत लक्ष्मी देवी भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बलौदा निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
पढ़िए डीईओ ने निलंबन आदेश में क्या लिखा है
कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बलौदा से प्राप्त प्रतिवेदन अनुसार समस्त ग्रामवासियों के द्वारा लक्ष्मी देवी भारद्वाज प्रधान पाठक, पीएम श्री शा. कन्या प्राथ. शाला बलौदा जिला जांजगीर-चांपा के विरुद्ध शाला में पढ़ रहे छात्र-छात्राओ को बहला फुसला कर ईसाई रीति नीति पद्यति से धर्मांतरण कर हिन्दू संस्कृति के खिलाफ देवी-देवताओ के विरुद्ध भड़काकर उन्हे धर्मांतरण करने, लोक शांति भंग होने के अंदेशा पर थाना बलौदा में ईश्तगासा क्रमांक 261/2025 धारा 126, 135 (3) बीएनएसएस कायम किया गया एवं लक्ष्मी देवी भारद्वाज द्वारा शाला प्रबंधन समिति के राशि का व्यय स्वयं कर शाला विकास समिति से अनुमोदन लेने का प्रयास किया गया एवं भौतिक सत्यापन नहीं कराया गया एवं समग्र शिक्षा एवं अन्य मदो से प्राप्त शाला अनुदान राशि वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2023-24 तक सामाग्रीयो की फर्जी बिल व्हाउचर का उपयोग कर अपने रिश्तेदारो के नाम पर पीपीओ जारी कर राशि स्वयं आहरण करने की अनियमितता पाई गई।
संबंधित को कारण बताओ सूचना जारी किया गया था। संबंधित द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोष जनक नही पाया गया एवं 07 मई 2026 को जन समस्या निवारण शिविर ग्राम भिलाई में उठाए गए शिकायत की स्थिति को देखते हुए लक्ष्मी भारद्वाज का कृत्य प्रथम दृष्टया गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत है।
लक्ष्मी देवी भारद्वाज प्रधान पाठक, पीएम श्री शा. कन्या प्राथ. शाला बलौदा जिला जांजगीर-चांपा छ०ग० का उक्त कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत है।अतएव, लक्ष्मी देवी भारद्वाज प्रधान पाठक, पीएम श्री शा. कन्या प्राथ. शाला बलौदा जिला जांजगीर-चांपा छ०ग० को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में लक्ष्मी देवी भारद्वाज प्रधान पाठक, पीएम श्री शा. कन्या प्राथ. शाला बलौदा, का मुख्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी बलौदा जिला जांजगीर चांपा छ.ग. नियत रहेगा एवं निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
देखें आदेश




