सुरेश मिनोचा एमसीबी :छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत विकासखंड खड़गवां के ग्राम पंचायत मेंड्रा में आयोजित विशाल जनसमस्या निवारण शिविर जनसरोकार, सुशासन और संवेदनशील प्रशासन का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। “संवाद से संपूर्ण समाधान” थीम पर आयोजित इस बहुउद्देशीय शिविर में 6 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीणों ने भाग लेकर शासन की योजनाओं, सेवाओं और त्वरित समाधान का प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त किया। शिविर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब शासन केवल कार्यालयों तक सीमित नहीं, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
ग्राम पंचायत मेंड्रा, पैनारी, धवलपुर, बेलबहरा, नेवरी एवं कोड़ा से बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं, मांगें एवं आवेदन प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किए। शिविर में प्राप्त आवेदनों पर प्रशासनिक अधिकारियों ने गंभीरता, तत्परता और संवेदनशीलता के साथ कार्यवाही करते हुए बड़ी संख्या में मामलों का मौके पर ही समाधान किया। शेष प्रकरणों को निर्धारित समय-सीमा में निराकरण हेतु संबंधित विभागों को सौंपा गया। इससे ग्रामीणों में शासन के प्रति भरोसा, संतोष और सकारात्मकता स्पष्ट रूप से दिखाई दी।कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ममता सिंह, जनपद सदस्य श्रीमती श्याम बाई मरकाम, गजराज सिंह, एसडीएम विजयेन्द्र सारथी, जनपद सीईओ रूपेश बंजारे, विकासखंड शिक्षा अधिकारी रमा निवास मिश्रा सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने और विकास प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
एक ही मंच पर अनेक विभाग, ग्रामीणों को मिला समग्र समाधान
शिविर में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, बिहान योजना, मनरेगा, समाज कल्याण विभाग, कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, वन विभाग, राजस्व विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य विभाग, पुलिस विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, आयुष विभाग, जल संसाधन विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, क्रेडा एवं आयुष्मान भारत योजना सहित विभिन्न विभागों द्वारा आकर्षक एवं उपयोगी स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ अनेक सेवाएं तत्काल उपलब्ध कराई गईं।
620 आवेदन प्राप्त, मौके पर मिला त्वरित लाभ
शिविर में कुल 620 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें बड़ी संख्या में मामलों का त्वरित निराकरण किया गया।
शिविर के दौरान-
10 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड
10 हितग्राहियों को राशन कार्ड
10 किसानों को ई-ऋण पुस्तिका
2 क्षय रोगियों को फूड बास्केट
22 हितग्राहियों का ई-केवाईसी
18 हितग्राहियों का आधार अपडेट किया गया।
योजनाओं का लाभ सीधे हाथों-हाथ मिलने से ग्रामीणों के चेहरे पर संतोष और विश्वास साफ दिखाई दिया।
जनप्रतिनिधियों ने बताया सुशासन का नया मॉडल
जनपद सदस्य श्रीमती श्याम बाई मरकाम ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन की नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है, जहां शासन स्वयं ग्रामीणों के बीच पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है। उन्होंने कहा कि “सुशासन तिहार 2026” अब संवेदनशील, जवाबदेह और जनहितैषी प्रशासन की सशक्त पहचान बन चुका है।
प्रशासन ने दिया भरोसा-हर आवेदन का होगा समाधान
एसडीएम विजयेन्द्र सारथी ने बताया कि शिविर में प्राप्त सभी 620 आवेदनों के निराकरण हेतु संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं तथा लंबित मामलों का भी शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम में मेंड्रा सरपंच रामभजन सिंह, पैनारी सरपंच श्रीमती तेरसिया सिंह, धवलपुर सरपंच श्रीमती सोनकुवर, बेलबहरा सरपंच प्रताप सिंह, नेवरी सरपंच श्रीमती रामकली, कोड़ा सरपंच श्रीमती सुनीता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत मेंड्रा का यह जनसमस्या निवारण शिविर केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि शासन की उस जनकल्याणकारी सोच का जीवंत उदाहरण बनकर उभरा, जिसमें विकास, समाधान और विश्वास सीधे गांव की चौपाल तक पहुंच रहा है। यह शिविर ग्रामीणों के लिए इस बात का प्रमाण बना कि सुशासन अब केवल घोषणा नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाली सशक्त वास्तविकता है।



