Home छत्तीसगढ़ कवर्धा के 218 करोड़ घोटाले में बड़ा मोड़, तत्कालीन BEO सस्पेंड

कवर्धा के 218 करोड़ घोटाले में बड़ा मोड़, तत्कालीन BEO सस्पेंड

0

 कवर्धा:  कवर्धा जिला के शिक्षा विभाग में 218 करोड़ के गबन मामले में डीपीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। कवर्धा ब्लाॅक के तत्कालीन बीईओ संजय जायसवाल को सस्पेंड कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस बाबत आदेश भी जारी किया है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, ब्लाॅक शिक्षा अधिकारी कार्यालय कवर्धा से पिछले चार सालों में 218 करोड़ 4 लाख 87 हजार 344 रूपए ट्रेजरी से निकाले गए। लेकिन इसका कोई रिकाॅर्ड नहीं रखा गया। जांच में ऑडिट टीम को पूरा लेखा-जोखा गायब मिला। रूपए किस पर खर्च किए गए, किसे भुगतान किया गया और किस आधार पर खर्च हुआ, इन सब का हिसाब विभाग के पास नहीं है। ऑडिट टीम ने जब ई कोष, (ट्रेजरी साॅफटवेयर) से निकासी का विवरण निकाला, तब पता चला कि पिछले चार वर्षों में अरबों रूपए ट्रेजरी से आहरित किए गए थे। खर्च का कोई हिसाब नहीं रखा गया। वित्तीय गड़बड़ी को देखते हुए तत्कालीन बीईओ संजय जायसवाल को निलंबित कर दिया गया है।

जानिए जारी आदेश में क्या कुछ लिखा है…

”कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कबीरधाम का ज्ञाप क्रमांक /755/शिकायत/ 2025-26 दिनांक 30 जनवरी 2026 के माध्यम से संजय जायसवाल, (मूलपद-व्याख्याता एल.बी.) तत्कालीन विकास खंड शिक्षा अधिकारी कवर्धा के दौरान किये गये वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने तथा जायसवाल द्वारा अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता की गई है।

2/ संजय जायसवाल का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के विपरीत गंभीर कदाचार है।

3/अतएव सजय जायसवाल, (मूलपद-व्याख्याता एल.बी.) तत्कालीन प्रभारी विकास खंड शिक्षा अधिकारी, कवर्धा जिला कबीरधाम (छ.ग.) वर्तमान पदस्थापना-शासकीय हाईस्कूल, बैरख वि.खं. बोड़ला जिला कबीरधाम (छ.ग.) को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 (1) (क) के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए, इनका मुख्यालय कार्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी बोड़ला, जिला कबीरधाम (छ.ग.) नियत किया जाता है।

4/ निलंबन काल में, संजय जायसवाल को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here