IPL 2026 के लिए 3 टीमों ने अपनी जगह पक्की कर ली है। वहीं आखिरी की एक जगह के लिए अभी लड़ाई जारी है। आईपीएल में सभी टीमों का पहला फोकस तो यही होता है कि वह प्लेऑफ यानी कि टॉप-4 में अपनी जगह को पक्की करें, इसके साथ ही टॉप-4 में रहने वाली टीम लीग स्टेज के अंत होने तक टॉप-2 में खुद को बनाए रखना चाहती है। दरअसल टॉप-2 में रहने वाली टीमों को काफी फायदा मिलता है। इसी वजह से टीमें प्लेऑफ्स में जाने के बाद टॉप 2 में सीजन को फिनिश करने की कोशिश करती हैं। जारी आईपीएल सीजन में अभी तक 3 टीमें (RCB, GT, SRH) प्लेऑफ्स में पहुंची हैं, लेकिन कोई भी अभी तक टॉप-2 में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाया है।
टॉप-2 में रहने वाली टीमों को क्या फायदा मिलता है?
IPL के हर सीजन में पॉइंट्स टेबल में टॉप 2 में रहने वाली टीमों को कई फायदे मिलते हैं। टॉप-2 में रहने वाली टीमों को सबसे पहला फायदा ये मिलता है कि उन्हें सीधे फाइनल का टिकट मिल जाता है। टॉप-2 में रहने वाली टीमें क्वालीफायर-1 खेलती हैं। वहां जीतने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंच जाती है, जबकि हारने वाली टीम बाहर नहीं होती, बल्कि उसे फाइनल में जाने का एक और मौका मिलता है। क्वालीफायर 1 हारने वाली टीम को क्वालीफायर 2 में खेलने का मौका मिलता है, जहां उनका सामना एलिमिनेटर की विजेता टीम से होता है। एलिमिनेटर मैच आईपीएल की पॉइंट्स टेबल में तीसरे और चौथे नंबर पर रहने वाली टीमों के बीच होता है। क्वालीफायर 2 को जीतकर पॉइंट्स टेबल में टॉप 2 की दोनों टीमें फाइनल में जा सकती है।
फाइनल की तैयारी के लिए मिलता है ज्यादा वक्त
टॉप-2 की टीम को एक फायदा यह भी मिलता है कि क्वालीफायर 1 जीतने वाली टीम को ज्यादा समय फाइनल की तैयारी के लिए मिलता है, जबकि हारने वाली टीम उस मैदान पर क्वालीफायर 2 खेलती है, जहां फाइनल होता है। हालांकि, इस बार ऐसा नहीं होगा। हारने वाली टीम को एलिमिनेटर वाले मैदान पर ही अपना दूसरा क्वालीफायर मैच खेलना होगा। इस बार आईपीएल के नॉकआउट मुकाबलों के शेड्यूल में बदलाव किए गए हैं। आईपीएल 2026 में क्वालीफायर 1 में हारने वाली टीम को दूसरा क्वालीफायर खेलने के लिए मुल्लांपुर जाना होगा। 26 मई को धर्मशाला में पहला क्वालीफायर होगा और फिर 29 मई को मुल्लांपुर में दूसरा क्वालीफायर खेला जाना है। इसके बाद 31 मई को अहमदाबाद में फाइनल मैच खेला जाएगा।



