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गृहमंत्री अमित शाह ने कहा – नक्सल उन्मूलन अभियान में कांग्रेस सरकार ने नहीं की मदद, देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनेगा बस्तर

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जगदलपुर  : केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में आज बस्तर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक हुई, जिसमें विकास का रौडमैप तैयार किया गया। बैठक के बाद प्रेस कांफ्रेंस में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, बस्तर में अब भय का माहौल समाप्त हो चुका है। हर जगह उत्साह, विश्वास नजर आ रहा है। हम सबके लिए गर्व का विषय है कि बस्तर अब नक्सल मुक्त हो गया है। कभी बंदूकों की साया में जीने वाला बस्तर आज चैन की सांस ले रहा है। उन्होंने कहा, नक्सल उन्मूलन अभियान में ढेर सारी नॉन बीजेपी सरकारों ने हमारा सहयोग किया है, लेकिन छत्तीसगढ़ की कांग्रेस (भूपेश) सरकार ने हमारा सहयोग नहीं किया।

गृहमंत्री शाह ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान की चार महत्वपूर्ण तिथियों का जिक्र करते हुए कहा कि पहली तारीख 13 दिसंबर 2023 थी, जब छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार बनी। इससे पहले कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने नक्सल उन्मूलन अभियान में केंद्र का सहयोग नहीं किया। दूसरी महत्वपूर्ण तारीख 24 अगस्त 2024 थी, जब सभी राज्यों के डीजीपी की बैठक में “नक्सल मुक्त भारत” का संकल्प लिया गया। तीसरी तारीख 31 मार्च 2026 रही, जब देश से नक्सलवाद के खात्मे का लक्ष्य तय किया गया। वहीं 19 मई 2026 को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास की नई परिकल्पना को आगे बढ़ाया गया। बस्तर को अब देश का सबसे विकसित आदिवासी संभाग बनाया जाएगा। प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा मौजूद थे।

गृहमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद इसलिए पनपा क्योंकि इन क्षेत्रों में विकास नहीं पहुंचा, लेकिन विकास रुकने की सबसे बड़ी वजह भी नक्सलवाद ही था। उन्होंने बताया कि बस्तर जैसे विशाल क्षेत्र को नक्सल मुक्त बनाने के लिए करीब 200 सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए, जिनमें सीआरपीएफ, डीआरजी और एसटीएफ के जवान तैनात रहे। इनमें से करीब 70 कैंपों को अब “वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा” में बदला जा रहा है। इन सेवा डेरों में बैंकिंग सुविधा, आधार केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर, स्वास्थ्य सेवाएं, प्राथमिक स्कूल और सरकारी योजनाओं की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध होंगी।

बस्तर में बनेगा बड़ा डेयरी नेटवर्क

उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों से विकास से वंचित लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अब ग्रामीणों को छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। महिलाओं को सिलाई मशीन प्रशिक्षण दिया जाएगा और उन्हें विकास की भागीदारी से जोड़ा जाएगा। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अब विकास की भागीदारी महिलाओं की भी होगी। बस्तर में हर आदिवासी महिला को पशुपालन से जोड़ने की योजना है। सरकार महिलाओं को गाय और भैंस उपलब्ध कराएगी। 6 महीने में बस्तर में बड़ा डेयरी नेटवर्क बनेगा।

अब तेजी से होगा बस्तर का विकास

केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा, नक्सलवाद के कारण पूरा क्षेत्र विकास से कोसो दूर रह गया था। रोजगार की दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं था। न गांव में बिजली पहुंची न पानी पहुंचा। अब सारी व्यवस्था सेवा डेरा के माध्यम से पूरे बस्तर में होगी। हमारे जवानों की साहस, बलिदान के कारण बस्तर अब नक्सल मुक्त हो चुका है। अब तेजी से बस्तर का विकास होगा। इसके पहले भी प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में बस्तर के विकास के लिए कई सारे काम कर चुके हैं।

जगदपुर में खुलेगा 240 बिस्तर वाला हॉस्पिटल

अमित शाह ने कहा, हमने 20 हजार 557 करोड़ की लागत से 12 हजार 211 किलोमीटर सड़क का निर्माण पूरा कर दिया है। टोटल 13 हजार मोबाइल टावर का प्लानिंग किया है, जिसमें से 5 हजार मोबाइल टावर नक्सलवाद प्रभावित क्षेत्र में लग चुके हैं। 1804 बैंक की शाखाएं खुली है। 1321 एटीएम खुल चुके हैं और 800 पोस्ट ऑफिस खोलने का काम भी समाप्त हो चुका है। 259 एकलव्य स्कूल, 46 आईटीआई, 49 स्कील डेवलपमेंट सेंटर बस्तर में खुल चुके हैं। युवाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ा जा रहा है। 240 बिस्तर वाला हॉस्पिटल जगदपुर में खुलेगा, जिसका भूमिपूजन कल किया गया। अब बस्तरवासियों को भय से जीने की जरूरत नहीं है। विकास का रास्ता प्रशस्त हो रहा है।

खेलों से जोड़ने बस्तर ओलंपिक का हो रहा आयोजन

अमित शाह ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में आदिवासी संस्कृति को बचाने के लिए बस्तर पंडुम का आयोजन किया जा रहा है। खेलों से जोड़ने बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया जा रहा है। दूसरी बार आयोजि बस्तर ओलंपित में 3 लाख 64 हजार खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें आत्मसमर्पित नक्सलियों ने भी भाग लिया था।

सुरक्षा से विकास और विकास से समृद्धि तक पहुंचना ही असली नक्सलमुक्ति

अमित शाह ने कहा कि गृह मंत्रालय ने एक वैज्ञानिक रोडमैप तैयार किया है। सुरक्षा से विकास और विकास से समृद्धि तक पहुंचना ही असली नक्सल मुक्ति है। उन्होंने कहा कि हिंसा से कभी विकास संभव नहीं होता। पहले नक्सली स्कूल और अस्पताल तोड़ देते थे, इसलिए विकास रुक जाता था, लेकिन अब “सेवा डेरा” मॉडल के जरिए गांवों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पहुंचाया जाएगा। गृहमंत्री ने बस्तर की जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा कि अब बस्तर में नया सवेरा आ चुका है। उन्होंने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ जागरूकता फैलाने में मीडिया ने बड़ा योगदान दिया है।

 

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