सुरेश मिनोचा कोरिया : आज के दौर में जहां जमीन का छोटा-सा हिस्सा छोड़ना भी कठिन माना जाता है, वहीं कोरिया जिले के ग्राम करहियाखांड निवासी 73 वर्षीय मोहम्मद शफीक खान ने नन्हे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी निजी भूमि में से 5 डिसमिल जमीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु दान कर मानवता और सामाजिक संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है।
इस प्रेरणादायी कार्य की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव स्वयं उनसे मिलने पहुंचीं और उनके इस परोपकारी निर्णय के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्य पूरे समाज को प्रेरित करने वाला है।
एसईसीएल से सेवानिवृत्त शफीक खान ने बताया कि मोहल्ले में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए उपयुक्त शासकीय भूमि नहीं मिलने की जानकारी मिलने पर उन्होंने अपनी जमीन दान करने का निर्णय लिया, उन्होंने कहा कि आसपास खेलते छोटे-छोटे बच्चों को देखकर उन्हें महसूस हुआ कि यदि बच्चों को बचपन से ही शिक्षा और संस्कार का बेहतर वातावरण मिले, तो उनका भविष्य संवर सकता है। यही सोच उनके इस निर्णय का आधार बनी।
मुलाकात के दौरान शफीक खान की चार नन्हीं पोतियां भी मौजूद थीं। कलेक्टर श्रीमती यादव ने बच्चों से आत्मीय बातचीत की और जब बच्चों ने तुतलाती आवाज में ‘मछली जल की रानी है…‘ कविता सुनाई, तो माहौल भावुक और स्नेह से भर उठा।
कलेक्टर श्रीमती यादव ने कहा कि एक संवेदनशील व्यक्ति ही समाज के लिए प्रेरणा बनता है। मोहम्मद शफीक खान का यह त्याग और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश देगा कि समाज सेवा केवल बड़े संसाधनों से नहीं, बल्कि बड़े दिल से की जाती है।
अधिकारियों, कर्मचारियों के बीच के अलावा गांव में खान के इस कार्य की सराहना हो रही है। यह केवल जमीन दान नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को आकार देने की एक भावनात्मक पहल है, जो लंबे समय तक लोगों के दिलों में याद रखी जाएगी।



