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झूठा एफआईआर दर्ज कराने का आरोप, परसदा सरपंच सहित ग्रामीणों ने एसपी से की निष्पक्ष जांच की मांग

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पूर्व में किए कांग्रेस नेता स्वर्गीय विद्याचरण शुक्ल के घर घुसकर जान से मारने और बैंक लूटने जैसे कई मामले की पुनः जांच कर करवाई कि मांग

शासन प्रशासन और पंचायतों आरटीआई लगाकर को परेशान करने की लगा आरोप

बिलासपुर :  ग्राम पंचायत परसदा के सरपंच एवं पूर्व सैनिक जगत राम साहू ने पुलिस अधीक्षक बिलासपुर रजनेश सिंह से निष्पक्ष जांच एवं कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि उनके सहित ग्राम पंचायत परसदा के कैलाश वस्त्रकार, धन्नू कौशिक एवं मोहन पाटले के विरुद्ध षड्यंत्रपूर्वक झूठा एफआईआर दर्ज कराया गया है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में तथ्यों को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया गया तथा गंभीर धाराएं लगवाने की योजना के तहत सुनियोजित तरीके से कार्रवाई कराई गई।

पूर्व सैनिक जगत राम साहू ने आरोप लगाया कि ब्रह्मानंद साहू द्वारा स्वयं शरीर पर चोट के निशान बनाकर थाना पहुंचा गया और बाद में जिला अस्पताल सिम्स में भर्ती होकर मामले को गंभीर रूप देने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों से सांठगांठ कर गंभीर धाराएं लगवाने की योजना बनाई गई ताकि निर्दोष लोगों को कानूनी रूप से फंसाया जा सके और सामाजिक रूप से बदनाम किया जा सके।

सरपंच ने कहा कि ब्रह्मानंद साहू लंबे समय से शासन-प्रशासन, पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को आरटीआई और शिकायतों का भय दिखाकर दबाव बनाने का कार्य करता आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वह लगातार लोगों को धमकाकर अपनी बात मनवाने का प्रयास करता है तथा विरोध करने वालों के खिलाफ झूठे मामलों की रणनीति अपनाता है। इससे गांव का वातावरण लगातार तनावपूर्ण बनता जा रहा है।

जगत राम साहू ने यह भी कहा कि ब्रह्मानंद साहू का नाम पूर्व में भी कई गंभीर मामलों में सामने आ चुका है। उन्होंने दावा किया कि आरोपी पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री स्वर्गीय विद्याचरण शुक्ल के घर में घुसकर जान से मारने की धमकी देने जैसे आरोप लग चुके हैं। साथ ही विभिन्न स्थानों पर बैंक लूट जैसी वारदातों में भी उसका नाम चर्चा में रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की पुनः विस्तृत जांच कर कठोर कार्रवाई की जाए।

पूर्व सैनिक सरपंच ने पुलिस अधीक्षक से अपील करते हुए कहा कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति घर में घुसकर विवाद करने, झूठा केस दर्ज कराने, आरटीआई का दुरुपयोग कर लोगों को धमकाने या निर्दोष नागरिकों को परेशान करने का दुस्साहस न कर सके, इसके लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने एवं आम लोगों में कानून के प्रति विश्वास कायम रखने के लिए निष्पक्ष जांच अत्यंत आवश्यक है।

ग्राम पंचायत परसदा के ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने भी मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में लगातार बढ़ रहे विवाद एवं भय के माहौल से सामाजिक समरसता प्रभावित हो रही है। लोगों ने प्रशासन से सत्य तथ्यों के आधार पर कार्रवाई कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

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