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विहाररत साधु संतों की सुरक्षा हेतु विशेष सुरक्षा व्यवस्था, राष्ट्रीय संघ सुरक्षा नीति एवं आर्थिका माताजी दुर्घटना प्रकरण की निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच हेतु सकल जैन समाज ने सौंपा ज्ञापन

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मनेन्द्रगढ़ सकल जैन समाज ने जुलूस निकालकर एस डी एम को सौंपा ज्ञापन

संत सुरक्षा एवं निष्पक्ष जांच की मांग

सुरेश मिनोचा एमसीबी : जैन समाज के पुरुषों एवं महिलाओं ने संगठित रूप से जुलूस निकालकर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से विहाररत जैन साधु-संतों की सुरक्षा, राष्ट्रीय स्तर पर संत सुरक्षा नीति लागू करने तथा हाल ही में हुई दुखद घटना की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई।
समाज द्वारा अपनी प्रमुख मांगों मेंप्रकरण की sit अथवा न्यायिक जांच, घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित किया जाना, दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्यवाही की जाना, यदि संयोजित अथवा षडयंत्र के तथ्य प्राप्त हो तो दोषियों पर तदानुसार कठोर धाराएं लगाई जाएं, संत सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किया जाए, विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय ,संवेदनशील क्षेत्र में पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक, हाईवे एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति बनाई जाए, भारत सरकार द्वारा पैदल विहार करने वाले संतों हेतु राष्ट्रीय गाइडलाइन, सुरक्षा sop, संवेदनशी मांगो हेतु विशेष प्रावधान निर्मित किए जाएं, संतो के विरुद्ध अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जावे, साधु संत आत्मरक्षा नहीं करते वाहन अथवा सुरक्षा साधनों का उपयोग नहीं करते तथा पूर्णतया अहिंसक जीवन व्यतीत करते हैं। प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वयं स्थापित किया जाए ,स्थानीय स्तर पर संत पूर्णतः अहिंसक जीवन व्यतीत करते हैं प्रशासन एवं समाज के बीच समन्वय तंत्र स्थापित किया जाए

जैन समाज के लोगों ने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया। समाजजनों ने जुलूस के माध्यम से अपनी पीड़ा एवं संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में कहा गया कि विहार के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और समाज दोनों की जिम्मेदारी है। ज्ञापन में संबंधित घटना की निष्पक्ष जांच कराने, निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग, वीडियो एवं डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा दोषियों पर कठोर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई।

यह भी उल्लेखनीय है कि विगत दिवस रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग पर विहार के दौरान हुई सड़क दुर्घटना में दो ब्रह्मचारिणी माताजी का घटनास्थल पर ही दुखद निधन हो गया, जबकि एक माताजी गंभीर रूप से घायल होने के कारण उपचाररत हैं। इस हृदयविदारक घटना से दिगंबर जैन समाज अत्यंत व्यथित, उद्वेलित एवं आक्रोशित है।

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