विकसित भारत-जी राम जी मिशन बना ग्रामीणों के जीवन परिवर्तन का माध्यम
एमसीबी : ग्रामीण विकास की नई सोच और रोजगार की मजबूत गारंटी के साथ “विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) – VB&G RAM G Act 2025” गांवों में बदलाव की नई इबारत लिख रहा है। “सम्मान की रोटी, हक का रोजगार” के संकल्प के साथ अब ग्रामीण परिवारों को 100 नहीं बल्कि 125 दिनों की रोजगार गारंटी प्रदान की जाएगी, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है। जनपद पंचायत मनेंद्रगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायतों में वर्तमान में 154 हितग्राही मूलक आजीविका डबरी निर्माण कार्य तेजी से प्रगतिरत हैं। इन कार्यों के माध्यम से ग्रामीणों को मनरेगा योजनाओं के तहत निरंतर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
डबरी निर्माण से ग्रामीणों को अब सिर्फ मजदूरी ही नहीं मिल रही, बल्कि जल संरक्षण, सिंचाई सुविधा और आजीविका के स्थायी साधन भी विकसित हो रहे हैं। इन डबरियों का उपयोग मछली पालन, कृषि कार्य एवं भू-जल पुनर्भरण के लिए किया जाएगा, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और जल संकट कम करने में मदद मिलेगी।यह मिशन जल संरक्षण, जल-स्रोतों के पुनर्जीवन, सिंचाई विस्तार, वाटरशेड विकास और वनीकरण जैसे कार्यों पर विशेष फोकस कर रहा है। साथ ही पंचायत स्तर पर विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) के माध्यम से सभी योजनाओं का समन्वय कर गांवों के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।
मनरेगा श्रमिकों को शिविरों एवं कार्यस्थलों पर विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम 2025 की जानकारी भी दी जा रही है। श्रमिकों को बताया जा रहा है कि अब उन्हें 125 दिवस तक रोजगार, समय पर मजदूरी भुगतान, देरी होने पर मुआवजा तथा बेरोजगारी भत्ते के बेहतर प्रावधानों का लाभ मिलेगा।यह पहल केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीणों को सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है। एम्पावरमेंट, ग्रोथ, कन्वर्जेंस और सैचुरेशन की अवधारणा पर आधारित यह मिशन पंचायतों को सर्कुलर इकॉनमी से जोड़ते हुए ग्रामीण भारत के सतत विकास का नया मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।
छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर ग्रामीण विकास की यह नई गारंटी गांवों में उम्मीद, आत्मविश्वास और समृद्धि की नई किरण लेकर आई है। विकसित भारत के संकल्प के साथ मनेंद्रगढ़ विकासखंड के गांव अब रोजगार, जल सुरक्षा और आत्मनिर्भर आजीविका की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।



