एमसीबी: सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत विकासखंड खड़गवां के ग्राम कटकोना में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं बना, बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण का भी प्रभावी केंद्र साबित हुआ। समाज कल्याण विभाग की सक्रिय भागीदारी से शिविर में नशा मुक्ति, स्वास्थ्य जागरूकता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण के संदेश ने हजारों लोगों को प्रेरित किया।शिविर में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं हजारों ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से नशामुक्त समाज निर्माण का संकल्प लिया। लोगों ने जीवन में किसी भी प्रकार के नशे से दूर रहने तथा अपने परिवार और समाज को भी इसके प्रति जागरूक करने की शपथ ग्रहण की।
स्वस्थ जीवन का संदेश, तंबाकू छोड़ने की अपील
विश्व धूम्रपान निषेध दिवस के संदेश को आगे बढ़ाते हुए कार्यक्रम में धूम्रपान और तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य दुष्प्रभावों की जानकारी दी गई। उपस्थित नागरिकों ने तंबाकू एवं धूम्रपान से दूरी बनाए रखने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि नशामुक्त जीवन न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य बल्कि पूरे परिवार की खुशहाली और सामाजिक विकास के लिए आवश्यक है।
दिव्यांगजनों को मिला सम्मान और सहारा
कार्यक्रम का एक भावनात्मक और प्रेरणादायी पहलू दिव्यांग एवं वृद्धजन हितग्राहियों को सहायक उपकरणों का वितरण रहा। मुख्य अतिथि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने चयनित दिव्यांग हितग्राहियों को व्हीलचेयर एवं अन्य आवश्यक सहायक उपकरण प्रदान किए। उपकरण प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था।हितग्राहियों ने कहा कि इन उपकरणों से उनके दैनिक जीवन की कठिनाइयां कम होगी और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी। यह पहल शासन की संवेदनशीलता और समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उदाहरण है।
जागरूकता और जनकल्याण का प्रभावी संगम
समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित गतिविधियों ने शिविर को जन जागरूकता, सामाजिक उत्तरदायित्व और जनकल्याण का प्रभावी मंच बना दिया। नशा मुक्ति अभियान, धूम्रपान निषेध जागरूकता और दिव्यांगजन सशक्तिकरण जैसे प्रयासों ने लोगों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कटकोना शिविर में देखने को मिला कि जब शासन की योजनाएं जागरूकता और संवेदनशीलता के साथ आमजन तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधाएं नहीं देती, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत नींव भी रखती हैं। यह आयोजन सुशासन तिहार 2026 की उस भावना को साकार करता है, जिसमें शासन का उद्देश्य केवल सेवाएं देना नहीं, बल्कि जागरूक, स्वस्थ और सशक्त समाज का निर्माण करना भी है।



