सनाधन धर्म शास्त्रों में एकादशी के व्रत को श्रेष्ठ फल देने वाला देने वाला माना गया है. ये व्रत जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित किया गया है. कल ज्येष्ठ अधिकमास के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली परमा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. ये एकादशी अति विशेष मानी जाती है, क्योंकि परमा एकादशी का व्रत तीन साल में एक बार रखा जाता है. इस दिन व्रत के साथ-साथ विधि-विधान से पूजा करने पर भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है.धार्मिक मान्यता है कि परमा एकादशी का व्रत रखने और भगवान वष्णु की विधि पूर्वक पूजा करने पर जीवन के सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और भगवान की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है. इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व है. एकादशी के व्रत का पारण भी बड़ा खास होता है, क्योंकि नियम के अनुसार, व्रत का पारण करने पर इसका पूर्ण फल फल प्राप्त होता है. 12 जून को परमा एकादशी के व्रत का पारण किया जाएगा.
परमा एकादशी व्रत पारण समय:- एकादशी के व्रत का पारण हमेशा द्वादशी तिथि पर ही करना शुभ होता है. ऐसे में परमा एकादशी के व्रत का पारण द्वादशी तिथि को यानी 12 जून 2026, शुक्रवार को किया जाएगा. द्रिक पंचांग के अनुसार, 12 जून को व्रत पारण का समय सुबह 05 बजकर 23 मिनट से 08 बजकर 10 मिनट तक रहेगा. इस समय ही व्रत पारण करना सर्वोत्तम रहेगा.
परमा एकादशी की तिथि
1. ज्येष्ठ अधिकमास की एकादशी तिथि का प्रारंभ 11 जून यानी कल गुरुवार के दिन सुबह 12 बजकर 57 मिनट पर होगा.
2.वहीं इस एकादशी तिथि का समापन कल ही रात में 10 बजकर 36 मिनट पर हो जाएगा.



