राधेश्याम सोनवानी,गरियाबंद :– अगर मन में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, चुनौतियों से लड़ने का साहस हो और सपनों को हकीकत में बदलने की दृढ़ इच्छाशक्ति हो, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। इसी सोच को साकार करने निकल पड़ी हैं गरियाबंद जिले की होनहार बेटियां, जो हिमाचल प्रदेश की दुर्गम और बर्फ से ढकी फ्रेंडशिप पीक (Friendship Peak) पर तिरंगा फहराने के लिए रवाना हुई हैं। इस अभियान में जिले की छह बेटियां शामिल हैं, जिनका लक्ष्य न सिर्फ शिखर पर पहुंचना है बल्कि छत्तीसगढ़ और गरियाबंद का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित करना भी है।
इस दल का नेतृत्व गरियाबंद की युवा ट्रेकर कनक लता सिंह कर रही हैं। पर्वतारोहण के प्रति उनका जुनून और लगातार कठिन चुनौतियों को स्वीकार करने का साहस उन्हें जिले की अन्य युवतियों के लिए प्रेरणा बना रहा है। कनक लता का कहना है कि जीवन को पूरी ऊर्जा और सकारात्मकता के साथ जीने की इच्छा ही उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए प्रेरित करती है।
उन्होंने बताया कि उन्हें अपने माता-पिता का हमेशा भरपूर सहयोग और प्रोत्साहन मिला है, जिसकी बदौलत वे लगातार कठिन ट्रेकिंग अभियानों में हिस्सा ले रही हैं। उनका सपना है कि वे फ्रेंडशिप पीक की चोटी पर तिरंगा लहराकर पूरे छत्तीसगढ़ और गरियाबंद जिले का नाम रोशन करें।
17,388 फीट की ऊंचाई पर होगी असली परीक्षा
हिमाचल प्रदेश की पीर पंजाल पर्वतमाला में स्थित फ्रेंडशिप पीक समुद्र तल से लगभग 5,300 मीटर (17,388 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है। यह पर्वत कुल्लू-मनाली क्षेत्र के व्यास कुंड के पास स्थित है और उत्तर भारत के सबसे लोकप्रिय पर्वतारोहण अभियानों में से एक माना जाता है।
इस ट्रेक की शुरुआत मनाली के प्रसिद्ध सोलंग वैली से होती है। रास्ते में घने ओक के जंगल, हरे-भरे घास के मैदान, ग्लेशियर, बर्फीली ढलानें और कठिन चढ़ाई पर्वतारोहियों की परीक्षा लेते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार फ्रेंडशिप पीक एक सेमी-टेक्निकल ट्रेक है, जिसे पूरा करने के लिए शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता और पर्वतीय अनुभव बेहद जरूरी होता है।
कनक लता का तीसरा बड़ा पर्वतारोहण अभियान
फ्रेंडशिप पीक अभियान कनक लता सिंह का तीसरा बड़ा ट्रेक है। इससे पहले वे दो महत्वपूर्ण पर्वतीय अभियानों को सफलतापूर्वक पूरा कर चुकी हैं।
* केदारकांठा ट्रेक – लगभग 12,500 फीट
* हमटा पास ट्रेक – लगभग 14,700 फीट
इन दोनों अभियानों में सफलता हासिल करने के बाद अब वे 17,388 फीट ऊंची फ्रेंडशिप पीक को फतह करने के लिए तैयार हैं। लगातार बढ़ती ऊंचाइयों पर ट्रेकिंग कर रही कनक लता की उपलब्धियां जिले की युवतियों के लिए प्रेरणास्रोत बन रही हैं।
जिले की छह बेटियां बनेंगी छत्तीसगढ़ की पहचान
फ्रेंडशिप पीक अभियान में शामिल प्रतिभागियों के नाम इस प्रकार हैं—
1. कनक लता सिंह
पिता – सत्यनारायण सिंह
जिला – गरियाबंद
2. डिगेश्वरी ध्रुव
पिता – हिरऊ राम ध्रुव
जिला – गरियाबंद
3. अम्बा तारक
पिता – एवस राम तारक
ग्राम पोड़, जिला गरियाबंद
4. खिलेश्वरी कश्यप
पिता – त्रिलोक कश्यप
ग्राम पोड़, जिला गरियाबंद
5. कोमिता साहू
पिता – दुष्यंत साहू
ग्राम पोड़, जिला गरियाबंद
6. अंजू निषाद
पिता – सुरेश निषाद
ग्राम मंदरौद, जिला धमतरी
बेटियों की उड़ान पर जिले को गर्व
ग्रामीण अंचलों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के पर्वतारोहण अभियानों में भाग लेना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। सीमित संसाधनों के बावजूद इन बेटियों ने जिस साहस, समर्पण और मेहनत का परिचय दिया है, वह समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है। आज जब अधिकांश युवा डिजिटल दुनिया में सीमित हो रहे हैं, ऐसे समय में इन बेटियों का प्रकृति की कठिन चुनौतियों को स्वीकार कर ऊंचाइयों को छूने निकलना प्रेरणादायक उदाहरण है।
स्थानीय लोगों और परिजनों को उम्मीद है कि यह दल सुरक्षित रूप से फ्रेंडशिप पीक की चोटी तक पहुंचेगा और वहां तिरंगा फहराकर लौटेगा। बेटियों के इस साहसिक अभियान ने पूरे गरियाबंद जिले में उत्साह का माहौल बना दिया है।
“बर्फीली चोटियों को चुनौती देने का है इरादा,शिखर फतह कर लिखेंगी बेटियां सफलता का नया वादा।
कनक लता सिंह ने कहा—
“मेरी हमेशा से इच्छा रही है कि जीवन में कुछ अलग और चुनौतीपूर्ण किया जाए। पर्वतों की ऊंचाइयां मुझे आकर्षित करती हैं। माता-पिता का पूरा सहयोग मिला है। मेरा लक्ष्य फ्रेंडशिप पीक पर तिरंगा फहराकर छत्तीसगढ़ और गरियाबंद जिले का नाम रोशन करना है।”



