पर्यटन विभाग देवघर की तर्ज पर पहलेजा घाट से बाबा गरीबनाथ तक श्रावणी मेला की सुविधाएं देगा. श्रद्धालुओं के लिए टेंट सिटी बनाए जायेंगे. इसके अलावा छोटे-छोटे शिविर भी बनाए जायेंगे. सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाने की तैयारी की गई है.
पर्यटन विभाग कर रहा ये सभी सुविधाएं:- पर्यटन विभाग की ओर से श्रावणी मेला में कांवरियों के लिए टेंट सिटी, शौचालय, बाथरूम, शुद्ध पेयजल, निर्बाध बिजली जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं, कांवर स्टैंड, सूचनाएं और मनोरंजन आदि की व्यवस्था भी करेगा. इलाके साथ बिहार में प्रसिद्ध शिवालयों जैसे बाबा हरिहर नाथ, मधेपुरा का सिंहेश्वर धाम, अशोक धाम और दरभंगा कुशेश्वर स्थान में भी जिला प्रशासन की ओर श्रावणी मेला का आयोजन किया जाएगा.
बाबा अजगैबीनाथ धाम से सीमा दुम्मा तक शिवमय होगा पथ:- जानकारी के मुताबिक, श्रावणी मेला में सुल्तानगंज से बिहार सीमा दुम्मा के बीच कांवरियों/श्रद्धालुओं के आवासन के लिए बाबा अजगैबीनाथ, सुल्तानगंज में पहले के 200 की जगह पर 500 बेड, बांका जिलान्तर्गत अबरखा में 600 बेड, पहली बार धौरी में 200 बेड, गोड़ियारी में 250 बेड, मुंगेर के खैरा में 200 बेड, धोबई में 200 बेड के साथ पहली बार असरगंज में 300 बेड, तारापुर में 200 और संग्रामपुर में 200 के बेडयुक्त टेंट सिटी का निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं. सभी टेंट सिटी में कांवर स्टैंड, पेयजल, शौचालय, साफ-सफाई, बिजली, स्वास्थ्य सुविधा की पूरी व्यवस्था के साथ इस बार सभी टेंट सिटी में जीविका दीदी की रसोई की व्यवस्था की जाएगी.
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का होगा आयोजन:- सभी टेंट सिटी में पूरे मेला अवधि में टेंट सिटी में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. कलाकारों के चयन के लिए उन्होंने सभी जिला पदाधिकारियों को जिला स्तरीय स्क्रीनिंग समिति के गठन के निर्देश दिए हैं. भागलपुर में सोनपुर मेला की की तरह 25 स्वीस कॉटेज का निर्माण कराया जाएगा, जिसके लिए प्रशासन जमीन देगा.



